English

इस गीत को तुम किस माहौल में गुनगुना सकते हो? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

इस गीत को तुम किस माहौल में गुनगुना सकते हो?

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

इस गीत को स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस या किसी संगठन की स्थापना के अवसर पर गा सकते हैं। खेल के मैदान में भी यह गीत खिलाड़ियों में जोश पैदा कर सकता है। वैसे तो यह गीत कभी-भी गुनगुनाया जा सकता है, पर विशेषकर जब सहयोग और संगठन की शक्ति बतानी हो तब यह गीत महत्त्व रखता है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 6)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 7: साथी हाथ बढ़ाना - गीत से आगे [Page 44]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 7 साथी हाथ बढ़ाना
गीत से आगे | Q 3 | Page 44

RELATED QUESTIONS

सीता बिना बात के राक्षसों के वध के पक्ष में नहीं थीं जबकि राम राक्षसों के विनाश को ठीक समझते थे। तुम किससे सहमत हो-राम से या सीता से? कारण बताते हुए उत्तर दो।


रावण-वध क्या शिक्षा देता है?


टोपी के संबंध में लेखिका क्या सोचती थी?


अपना दुख भी एक है साथी, अपना सुख भी एक’ ‘कक्षा, मोहल्ले और गाँव/शहर के किस-किस तरह के साथियों के बीच तुम्हें इस वाक्य की सच्चाई महसूस होती है। और कैसे?


यदि तुमने ‘नया दौर’ फ़िल्म देखी है तो बताओ कि यह गीत फ़िल्म में कहानी के किस मोड़ पर आता है? यदि तुमने फ़िल्म नहीं देखी है तो फ़िल्म देखो और बताओ।


यह गीत किसको संबोधित है?


बहुविकल्पीय प्रश्न

कंट्रोल रूम में जाकर छोटू ने क्या हरकत की?


लेखक ने राजप्पा के टिकट इकट्ठा करने की तुलना मधुमक्खी से क्यों की?


इकट्ठा किए हुए टिकटों का अलग-अलग तरह से वर्गीकरण किया जा सकता है, जैसे-देश के आधार पर। ऐसे और आधार सोचकर लिखो।


कुढ़ता चेहरा ईष्र्यालु चेहरा घमंडी चेहरा अपमानित चेहरा
भूखा चेहरना चालबाज़ चेहरा भयभीत चेहरा

रूआँसा चेहरा

इन भावों को अभिव्यक्त करके दिखाओ।


राजप्पा को अब कोई क्यों नहीं पूछता था?

राजप्पा के अलबम को किसने, कितने में खरीदना चाहा था? राजप्पा ने क्या उत्तर दिया?

लेखक ने ‘प्रकृति के अक्षर’ किन्हें कहा है?


‘जबकि इस नियामत से जिंदगी को खुशियों के इन्द्रधनुषी रंगों से हरा-भरा किया जा सकता है। तुम्हारी नज़र में इसका क्या अर्थ हो सकता है?


‘जब तुम मेरे साथ रहती हो, तो अकसर मुझसे बहुत-सी बातें पूछा करती हो।’
यह वाक्य दो वाक्यों को मिलाकर बना है। इन दोनों वाक्यों को जोड़ने का काम जब-तो (तब) कर रहे हैं, इसलिए | इन्हें योजक कहते हैं। योजक के रूप में कभी कोई बदलाव नहीं आता, इसलिए ये अव्यय का एक प्रकार होते हैं। नीचे वाक्यों को जोड़ने वाले कुछ और अव्यय दिए गए हैं। उन्हें रिक्त स्थानों में लिखो। इन शब्दों से तुम भी एक-एक वाक्य बनाओ-
बल्कि / इसलिए / परंतु / कि / यदि / तो / न कि / या / ताकि।

  1. कृष्णन फ़िल्म देखना चाहता है ___________  मैं मेले में जाना चाहती हूँ।
  2. मुनिया ने सपना देखा ____________ वह चंद्रमा पर बैठी है।
  3. छुट्टियों में हम सब ___________ दुर्गापुर जाएँगे _________ जालंधर।
  4. सब्ज़ी कटवा कर रखना ___________ घर आते ही मैं खाना बना लें।
  5. _________  मुझे पता होता कि शमीना बुरा मान जाएगी _______ मैं यह बात न कहती।
  6. इस वर्ष फ़सल अच्छी नहीं हुई है _________ अनाज महँगा है।
  7. विमल जर्मन सीख रहा है _________ फ्रेंच।

‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’ पुस्तक पुस्तकालय से लेकर पढ़ो।


बहुविकल्पी प्रश्न

“लोकगीत’ पाठ के लेखक कौन हैं?


बहुविकल्पी प्रश्न

इनमें से कौन बंगाल का लोकगीत है?


खपच्चियों को किस प्रकार से रंगा जाता है?


तर्जनी हाथ की किस उँगली को कहते हैं? बाकी उँगलियों को क्या कहते हैं? सभी उँगलियों के नाम अपनी भाषा में में पता करो और कक्षा में अपने साथियों और शिक्षक को बताओ।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×