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Question
मुझे असल में साँप ने नहीं काटा था। फिर मैंने अपनी कहानी का नाम जब मुझको साँप ने काटा क्यों रखा है? तुम इससे भी अच्छा कोई नाम सोचकर बताओ।
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Solution
मैंने कहानी का यह नाम इसलिए रखा, क्योंकि नाना-नानी तथा झाड़-फूँक वाले ने यही समझा कि मुझे साँप ने काटा है।
इस कहानी का शीर्षक- ‘झाड़-फूँक’ या ‘नाना की नासमझी’ हो सकता है।
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क्या तुमने कभी साँप देखा है? तुमने साँप कहाँ देखा? उसे देखकर तुम्हें कैसा लगा?
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नीचे लिखे वाक्य का मतलब बताओ।
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नीचे लिखे वाक्य का मतलब बताओ।
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नीचे लिखे वाक्य का मतलब बताओ।
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अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
नानी चीख उठी साँप
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
क्या तुम बाज़ार चलोगी
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
चुपचाप बैठो हिलना-डुलना मत
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
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अहा कितनी मीठी है
तुम लड़के को क्या कहोगे? कारण देकर बताओ।
(याद रखो वह खोल में साँप लेकर भागा था।)
साँप धीरे-धीरे रेंग रहा था।
यहाँ धीरे शब्द का दो बार इस्तेमाल किया गया है। ऐसे ही और कुछ शब्द लिखो और उनसे वाक्य बनाओ।
| चलते-चलते | ____________ |
| पीछे-पीछे | ____________ |
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