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प्रश्न
मुझे असल में साँप ने नहीं काटा था। फिर मैंने अपनी कहानी का नाम जब मुझको साँप ने काटा क्यों रखा है? तुम इससे भी अच्छा कोई नाम सोचकर बताओ।
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उत्तर
मैंने कहानी का यह नाम इसलिए रखा, क्योंकि नाना-नानी तथा झाड़-फूँक वाले ने यही समझा कि मुझे साँप ने काटा है।
इस कहानी का शीर्षक- ‘झाड़-फूँक’ या ‘नाना की नासमझी’ हो सकता है।
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नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं। उन शब्दों में से कुछ शब्द घर से संबंधित हैं। उन पर रेखा खीचों।
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अहाता |
आँगन |
बरामदा |
ज़ीना |
अटारी |
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आला |
घेर |
सीढ़ी |
छत |
सड़क |
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रसोई |
छज्जा |
दालान |
अस्तबल |
रहट |
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नहर |
पुलिया |
जोहड़ |
डाकघर |
टाँड |
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कमरा |
मुँडेर |
नीचे लिखे वाक्य का मतलब बताओ।
अब बच्चा खतरे से बाहर है।
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
साँप धीरे-धीरे रेंग रहा था
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
क्या तुम बाज़ार चलोगी
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चुपचाप बैठो हिलना-डुलना मत
अलग-अलग निशानों से पता चलता है कि बात कैसे कही गई होगी। अब नीचे लिखे वाक्य में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो।
तुम्हें यह कहानी कैसी लगी
तुम लड़के को क्या कहोगे? कारण देकर बताओ।
(याद रखो वह खोल में साँप लेकर भागा था।)
साँप धीरे-धीरे रेंग रहा था।
यहाँ धीरे शब्द का दो बार इस्तेमाल किया गया है। ऐसे ही और कुछ शब्द लिखो और उनसे वाक्य बनाओ।
| चलते-चलते | ____________ |
| पीछे-पीछे | ____________ |
| ______ | ____________ |
| ______ | ____________ |
भूलभुलैया

