English

मोह और प्रेम में अंतर होता है। भगत के जीवन की किस घटना के आधार पर इस कथन का सच सिद्ध करेंगे?

Advertisements
Advertisements

Question

मोह और प्रेम में अंतर होता है। भगत के जीवन की किस घटना के आधार पर इस कथन का सच सिद्ध करेंगे?

Very Long Answer
Advertisements

Solution

भगत को अपने पुत्र तथा अपनी पुत्रवधू से अगाध प्रेम था। परन्तु उसके इस प्रेम ने प्रेम की सीमा को पार कर कभी मोह का रुप धारण नहीं किया। जब भगत के पुत्र की मृत्यु हो जाती है तो पुत्र मोह में पड़ कर वो रोते बिलखते नहीं हैं बल्कि पुत्र की आत्मा के परमात्मा से मिलने से खुश होते हैं। दूसरी तरफ़ वह चाहते तो मोह वश अपनी पुत्रवधू को अपने पास रोक सकते थे परन्तु उन्होंने अपनी पुत्रवधू को ज़बरदस्ती उसके भाई के साथ भेजकर उसके दूसरे विवाह का निर्णय किया। सच्चा प्रेम अपने सगे-सम्बन्धियों की खुशी में है। परन्तु मोह वश हम सामने वाले के सुख की अपेक्षा अपने सुख को प्रधानता देते हैं। बालगोबिन भगत ने भी सच्चे प्रेम का परिचय देकर अपने पुत्र और पुत्रवधू की खुशी को ही उचित माना।

shaalaa.com
बालगोबिन भगत
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 11: रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत - प्रश्न-अभ्यास [Page 58]

APPEARS IN

NCERT Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
Chapter 11 रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत
प्रश्न-अभ्यास | Q 13. | Page 58

RELATED QUESTIONS

खेतीबारी से जुड़े गृहस्थ बालगोबिन भगत अपनी किन चारित्रिक विशेषताओं के कारण साधु कहलाते थे?


भगत की पुत्रवधू उन्हें अकेले क्यों नहीं छोड़ना चाहती थी?


भगत ने अपने बेटे की मृत्यु पर अपनी भावनाएँ किस तरह व्यक्त कीं?


पाठ के आधार पर बालगोबिन भगत के मधुर गायन की विशेषताएँ लिखिए।


कुछ मार्मिक प्रसंगों के आधार पर यह दिखाई देता है कि बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे। पाठ के आधार पर उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए।


धान की रोपाई के समय समूचे माहौल को भगत की स्वर लहरियाँ किस तरह चमत्कृत कर देती थीं? उस माहौल का शब्द-चित्र प्रस्तुत कीजिए।


गाँव का सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश आषाढ़ चढ़ते ही उल्लास से क्यों भर जाता है?


“ऊपर की तसवीर से यह नहीं माना जाए कि बालगोबिन भगत साधु थे।” क्या ‘साधु’ की पहचान पहनावे के आधार पर की जानी चाहिए? आप किन आधारों पर यह सुनिश्चित करेंगे कि अमुक व्यक्ति ‘साधु’ है?


लेखक बालगोबिन भगत को गृहस्थ साधु क्यों मानता है? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


लेखक बालगोबिन भगत को गृहस्थ साधु मानता था पर वह भगत के किस अन्य गुण पर मुग्ध था और क्यों?


भगत प्रभातियाँ किस महीने में गाया करते थे? उनके प्रभाती गायन का वर्णन कीजिए।


भगत का आँगन नृत्य-संगीत से किस तरह ओत-प्रोत हो उठता था?


भगत अपने सुस्त और बोदे से बेटे के साथ कैसा व्यवहार करते थे और क्यों?


बालगोबिन भगत अपने साधु और गृहस्थ होने का स्वाभिमान कैसे बनाए रखते थे? उनकी गंगा-स्नान यात्रा के आलोक में स्पष्ट कीजिए।


किस घटना के आधार पर कहा जा सकता है कि बालगोबिन भगत प्रचलित सामाजिक मान्यताओं को नहीं मानते थे? 


'क्षितिज' के गद्य पाठों के आधार निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्न का सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए-

बालगोबिन भगत के जीवन से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

बालगोबिन भगत की 'गर्मियों की संझा' के दृश्य का चित्रण अपने शब्दों में कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×