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Question
मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए खाद तथा उर्वरक के उपयोग की तुलना कीजिए।
Distinguish Between
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Solution
खाद की उपयोगिता:
- खाद मिट्टी को पोषक तथा कार्बनिक पदार्थों से परिपूर्ण करती है और मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है।
- यह मिट्टी की संरचना में सुधार लाती हैं।
- इसके कारण रेतीली मिट्टी में पानी को रखने की क्षमता बढ़ जाती है।
- चिकनी मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की अधिक मात्रा पानी को निकलने में सहायता करती है। जिससे पानी एकत्रित नहीं हो पाता है।
- मृदा अपरदन में कमी आती है।
- खाद-मिट्टी को ह्यूमस (Humus) प्रदान करती है।
- सूक्ष्मजीवों एवं भूमिगत जीवों के लिए भोजन प्रदान करती है।
उर्वरक का उपयोग:
- इनके उपयोग से अच्छी कायिक वृद्धि (पत्तियाँ, शाखाएँ तथा फूल) होती है और स्वस्थ पौधों की प्राप्त होती है।
- अधिक उत्पादन के लिए उर्वरक का उपयोग किया जाता है, परंतु ये आर्थिक दृष्टि से महँगे होते हैं।
- उर्वरकों के उपयोग द्वारा कम समय में अधिक उत्पादन होता है परंतु यह मृदा की उर्वरता को कुछ समय बाद हानि पहुँचती हैं।
- उर्वरकों के लगातार प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता घटती है क्योंकि कार्बनिक पदार्थ की पुन: पूर्ति नहीं हो पाती है तथा सूक्ष्मजीवों एवं भूमिगत जीवों का जीवन- चक्र अवरुद्ध होता है।
- मिट्टी अम्लीय या क्षारीय हो जाती है जिससे मिट्टी सुखी, चूर्ण की तरह होने से मृदा अपरदन बढ़ती है।
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फसल उत्पादन में उन्नति - फसल उत्पादन प्रबंधन
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