English

मीना और रितु स्टापू खेल कर घर लौट रहे थे। “चलो न, मेरे घर चलो,” मीना ने रितु को खींचते हुए कहा। “तुम्हारे मामा तो घर पर नहीं होंगे? अगर वे होंगे, तो मैं नहीं आऊँगी,” रितु ने जवाब दिया।

Advertisements
Advertisements

Question

मीना और रितु स्टापू खेल कर घर लौट रहे थे। “चलो न, मेरे घर चलो,” मीना ने रितु को खींचते हुए कहा।
“तुम्हारे मामा तो घर पर नहीं होंगे? अगर वे होंगे, तो मैं नहीं आऊँगी,” रितु ने जवाब दिया।
“पर क्यों? मामा को तो तुम अच्छी लगती हो। कह रहे थे – अपनी सहेली रितु को घर लाना। मैं दोनों को खूब सारी चॉकलेट खिलाऊँगा।”
रितु ने मीना से अपना हाथ छुड़ाया और बोली, “तुम्हारे मामा से मुझे डर लगता है। हाथ भी पकड़ते हैं, तो मुझे अच्छा नहीं लगता।” यह कहकर रितु अपने घर चली गई।

ऐसा होने पर और क्या किया जा सकता है?

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

जब ऐसी घटनाएँ होती हैं, तो बच्चे को तुरंत अपराधी पर चिल्लाना चाहिए और अपने माता-पिता को सूचित करना चाहिए। माता-पिता को अपने बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श का फरक बताना चाहिए।

shaalaa.com
दुनिया मेरे घर में
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 22: दुनिया मेरे घर में - मुझे यह अच्छा नहीं लगता! [Page 185]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
Chapter 22 दुनिया मेरे घर में
मुझे यह अच्छा नहीं लगता! | Q 3 | Page 185

RELATED QUESTIONS

क्या तुम्हारे घर में भी पंखा, टी.वी., समाचारपत्र, कुर्सी या किसी और चीज़ को लेकर झगड़े होते हैं?

  • तुम्हारे घर के ऐसे झगड़े कौन सुलझाता है?
  • अपने घर के ऐसे झगड़ों के बारे में कोई मज़ेदार किस्सा सुनाओ।
  • क्या तुमने कहीं और एक ही चीज़ के लिए लोगों को आपस में झगड़ते देखा है? किस बात पर?

क्या लड़का-लड़की और आदमी-औरत के लिए अलग-अलग नियम होने चाहिएँ?


सोचो- अगर लड़कियों के लिए बनाए गए नियम, लड़कों पर और लड़कों के लिए बनाए गए नियम लड़कियों पर लागू हों, तो क्या होगा?


एक दिन फली, नाज़ू और उनके दोस्त पिलू मामी के साथ समुद्र तट पर घूमने गए। पानी और रेत में खूब खेलने के बाद बच्चों ने आकाशी झूले में चक्कर लगाए, भेलपूरी खाई और गुब्बारे भी खरीदे। बाद में सभी ने मज़े से ठंडी-ठंडी कुल्फ़ी खाई। कुल्फ़ी वाले ने गलती से सात के बजाए पाँच कुल्फ़ी के ही पैसे माँगे। बच्चों ने सोचा ‘चलो पैसे बच गए।’ पर पिलू मामी ने कुल्फ़ीवाले को सही हिसाब समझाया और सात कुल्फ़ियों के ही पैसे दिए।

उस दिन बच्चों ने पिलू मामी से जो बात सीखी, उसे शायद वे कभी नहीं भूलेंगे।

  • अपनी कल्पना से, इस कहानी का अंत बदलकर कॉपी में लिखो।
  • क्या तुम्हारे परिवार में भी कोई पिलू मामी की तरह है? कौन?
  • अगर पिलू मामी कम पैसे देकर वहाँ से चलीं जातीं, तो बच्चे इस बारे में क्या सोचते? तुम इस बारे में क्या सोचते हो?

तुम्हें क्या लगता है, अक्षय क्या करेगा?


तुम्हारी राय में अक्षय को क्या करना चाहिए?


तुम्हारे घर में ज़रूरी फ़ैसले कौन लेता है? तुम्हें इस बारे में क्या लगता है?


अगर तुम्हारे परिवार में या रिश्तेदारी में हमेशा एक ही व्यक्ति अपनी बात मनवाता रहे, तो तुम्हें कैसा लगेगा?


किसका छूना तुम्हें अच्छा नहीं लगा?


अगर तुम रितु की जगह होते, तो क्या करते?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×