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क्या तुम अक्षय की दादी-माँ से सहमत हो?

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Question

क्या तुम अक्षय की दादी-माँ से सहमत हो?

One Line Answer
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Solution

नहीं, मैं अक्षय की दादी-माँ से कतई सहमत नहीं हूँ।

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दुनिया मेरे घर में
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Chapter 22: दुनिया मेरे घर में - मैं क्या करूँ? [Page 183]

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NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
Chapter 22 दुनिया मेरे घर में
मैं क्या करूँ? | Q 5 | Page 183

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क्या तुम्हारे घर में भी पंखा, टी.वी., समाचारपत्र, कुर्सी या किसी और चीज़ को लेकर झगड़े होते हैं?

  • तुम्हारे घर के ऐसे झगड़े कौन सुलझाता है?
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क्या लड़का-लड़की और आदमी-औरत के लिए अलग-अलग नियम होने चाहिएँ?


सोचो- अगर लड़कियों के लिए बनाए गए नियम, लड़कों पर और लड़कों के लिए बनाए गए नियम लड़कियों पर लागू हों, तो क्या होगा?


तुम्हें क्या लगता है, अक्षय क्या करेगा?


क्या तुम किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हो, जो अक्षय की दादी-माँ की तरह ही सोचते हैं?


तुम धोंडू की जगह होते तो क्या करते?


क्या तुम्हें भी कभी किसी का छूना बुरा लगा है?


मीना और रितु स्टापू खेल कर घर लौट रहे थे। “चलो न, मेरे घर चलो,” मीना ने रितु को खींचते हुए कहा।
“तुम्हारे मामा तो घर पर नहीं होंगे? अगर वे होंगे, तो मैं नहीं आऊँगी,” रितु ने जवाब दिया।
“पर क्यों? मामा को तो तुम अच्छी लगती हो। कह रहे थे – अपनी सहेली रितु को घर लाना। मैं दोनों को खूब सारी चॉकलेट खिलाऊँगा।”
रितु ने मीना से अपना हाथ छुड़ाया और बोली, “तुम्हारे मामा से मुझे डर लगता है। हाथ भी पकड़ते हैं, तो मुझे अच्छा नहीं लगता।” यह कहकर रितु अपने घर चली गई।

ऐसा होने पर और क्या किया जा सकता है?


अगर तुम रितु की जगह होते, तो क्या करते?


सभी का छूना एक जैसा नहीं होता। जब मीना के मामा रितु का हाथ पकड़ते थे, तब उसे अच्छा नहीं लगता था, लेकिन उसे मीना का हाथ पकड़ना अच्छा लगता था। सोच कर बताओ, ऐसा अंतर क्यों था?


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