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“मैंने सोचा बीमार पड़ने के लिए आज का दिन बिलकुल ठीक रहेगा। चलो बीमार पड़ जाते हैं।”

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Question

“मैंने सोचा बीमार पड़ने के लिए आज का दिन बिलकुल ठीक रहेगा। चलो बीमार पड़ जाते हैं।”

Very Long Answer
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Solution

इस पंक्ति में बच्चे की चतुराई और स्कूल जाने से बचने की सोच झलकती है। बच्चे ने होमवर्क नहीं किया था, इसलिए उसे स्कूल जाने पर सजा मिलने का डर था। अस्पताल में सुधाकर काका को देखकर उसे लगा था कि बीमार होने में बड़ा मज़ा है; साफ-सुथरे बिस्तर पर आराम से लेटना और साबूदाने की खीर खाना। इसीलिए उसने सोचा कि आज ही बीमार पड़ जाता हूँ और झूठ बोलकर सिरदर्द, पेट दर्द और बुखार का नाटक करता हूँ। इन पंक्तियों से हमें यह सीख मिलती है कि झूठे बहाने बनाकर काम टालना ठीक नहीं है। बच्चे को बाद में भूखे रहने और बोर होने की सजा मिली, और उसने तय किया कि वह दोबारा कभी बीमारी का बहाना नहीं बनाएगा।

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Chapter 5: नहीं होना बीमार - पाठ से [Page 63]

APPEARS IN

NCERT Hindi Malhar Class 7
Chapter 5 नहीं होना बीमार
पाठ से | Q (क) | Page 63
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