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Question
मैं और, और जग और कहाँ का नाता- पंक्ति में और शब्द की विशेषता बताइए।
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Solution
प्रस्तुत पंक्ति में ‘और’ शब्द ने तीन बार आकर कवि के भाव को बहुत ही सुंदर रूप से व्यक्त किया है। इस तरह पंक्ति में चमत्कार उत्पन्न हो गया है, जो कि बहुत सुंदर प्रतीत होता है। उदाहरण के लिए यहाँ पर 'मैं और' का अभिप्राय कवि के स्वयं के अस्तित्व से है। इससे पता चलता है कि उसका व्यक्तित्व दूसरों से अलग है। दूसरे ‘जग और’ कहकर कवि संसार की विशेषता बताता है कि संसार उससे भिन्न है। अर्थात संसार उसकी भांति नहीं सोचता बल्कि भिन्न प्रकार से सोचता है। तीसरा ‘और’ शब्द कवि तथा संसार के मध्य के अंतर को दर्शाता है। यहाँ पर आया ‘और’ योजक है। इसके साथ ही यह कवि के उस विचार को दर्शा रहा है, जिसमें कवि स्वयं को तथा संसार को अलग-अलग मानता है। इससे पता चलता है कि कवि तथा संसार के मध्य संबंध मैत्रीपूर्ण नहीं है। दोनों साथ रहते हुए भी अलग-अलग हैं।
अतः ‘और’ शब्द से कवि ने संसार की स्थिति तथा दोनों के संबंधों को बहुत सुंदर तरीके से व्यक्त किया है।
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