English

मैदान में या स्कूल में किसी खुली जगह पर सब बच्चे इकट्टे हो जाओ। अब नीचे दी गई स्थितियों में तुम कैसे चलोगे, करके दिखाओ। अगर ज़मीन एकदम गुलाब की पंखुड़ियों जैसी हो।

Advertisements
Advertisements

Question

मैदान में या स्कूल में किसी खुली जगह पर सब बच्चे इकट्टे हो जाओ। अब नीचे दी गई स्थितियों में तुम कैसे चलोगे, करके दिखाओ।

  1. अगर ज़मीन एकदम गुलाब की पंखुड़ियों जैसी हो।
  2. अगर ज़मीन काँटों-भरे मैदान में बदल गई हो और आस-पास ऊँची-ऊँची घास हो।
  3. अगर ज़मीन ठंडी-ठंडी बर्फ से ढँक गई हो।

क्या हर बार तुम्हारी चाल बदली? चर्चा करो।

Answer in Brief
Advertisements

Solution

  1. ऐसे ज़मीन पर चलना काफी अच्छा लगेगा।

  2. ऐसी ज़मीन पर चलना काफी कठिन है। चलने के समय ध्यान से चलना होगा ताकि काँटे न चुभ जायें।

  3. इस स्थिति में मैं छोटे छोटे कदमों से काफी ध्यान से चलूँगा, क्योंकि ऐसी जगह काफी फिसलन भरी होगी।

हाँ, हर बार अलग स्थिति में मेरी चाल बदली।

shaalaa.com
चलो, चलें स्कूल!
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: चलो, चलें स्कूल! - करके देखो [Page 9]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 4
Chapter 1 चलो, चलें स्कूल!
करके देखो | Q 22 | Page 9

RELATED QUESTIONS

अपनी टीचर की मदद से चार-पाँच बाँसों को बाँध कर एक छोटा-सा पुल बनाओ। उस पर चल कर देखो।

  1. तुम्हें कैसा लगा?
  2. गिरे तो नहीं?


जूते या चप्पल पहन कर पुल पर चलना ज़्यादा आसान होगा या नंगे पैर? क्यों?


चित्र 1 और 2 को देखो। बच्चे कुँए से बाल्टी खींच रहे हैं। 

  1. क्या दोनों चित्रों में अंतर बता सकते हो?
  2. इन दोनों में से किस तरह से खींचना आसान होगा – पुली (घिरनी) के साथ या बिना पुली के?

स्कूल जाने के लिए क्या तुम भी कोई पुल पार करते हो? वह पुल कैसा दिखाई देता है? उसका चित्र बनाओ।


सोचो, अगर वह पुल नहीं होता, तो क्या-क्या परेशानियाँ होतीं? कुछ अन्य तरीके देखें, जिनसे बच्चे स्कूल पहुँचते हैं।


पानी पार करने के और क्या तरीके हो सकते हैं?


तुम्हारे यहाँ इसे क्या कहते हैं?


क्या तुमने इतनी ज़्यादा बर्फ़ देखी है? कहाँ? फ़िल्मों में या कहीं और?


क्या तुम्हारे स्कूल में भी सज़ा मिलती हैं? किस तरह की सज़ा मिलती है?


अपने ‘सपनों के स्कूल’ का चित्र कॉपी में बनाओ और कक्षा में उस पर अपने साथियों से बात-चीत करो।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×