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मातृभूमि की महत्ता को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए। - Hindi

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Question

मातृभूमि की महत्ता को अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए।

Very Long Answer
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Solution

मातृभूमि अर्थात वह स्थान, जहाँ हमारा जन्म होता है। जिसके अन्न-जल को ग्रहण कर हमारा शरीर पुष्ट होता है, जिसकी गोदी में, पवित्र वायु में साँस लेकर हम जीते हैं। वह हमारी माता के समान होती है। मनुष्य के जीवन में मातृभूमि का बड़ा महत्त्व है। हमारी मातृभूमि हमारे हृदय में स्वाभिमान का भाव जगाती है। दूसरे देशों में हमें कितनी भी सुख-सुविधाएँ क्यों न मिल जाएँ, वे हमारी मातृभूमि कभी नहीं बन सकते। विदेशों में जब हम अपने राष्ट्रध्वज को देखते हैं या राष्ट्रगान सुनते हैं तो एक अलग ही प्रकार की अनुभूति होती है। अपने देश के प्रति जुड़ाव की भावना मन में आ जाती है। अपनी प्यारी मातृभूमि पर हमें सदा सर्वस्व न्योछावर कर देने के लिए तैयार रहना चाहिए। जिस प्रकार मनुष्य प्रेम और त्याग के साथ अपने परिवार का पोषण करता है, उसी प्रकार प्रेम और त्याग के साथ उसे अपने देश की रक्षा करनी चाहिए।

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पद्य (Poetry) (11th Standard)
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Chapter 7: स्वागत है ! - अभिव्यक्ति [Page 37]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Yuvakbharati [English] Standard 11 Maharashtra State Board
Chapter 7 स्वागत है !
अभिव्यक्ति | Q 2 | Page 37

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ममत्व का भाव प्रकट करने वाली कोई भी एक त्रिवेणी ढूँढ़कर उसका अर्थ लिखिए।


निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।
(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
(3) अपनी आँखों में जब भी देखा है।


नौकरीपेशा अभिभावकों के बच्चों के पालन की समस्या पर प्रकाश डालिए।


आधुनिक जीवन शैली के कारण निर्मित समस्याओं से जूझने की प्रेरणा इन त्रिवेणियों से मिलती है, स्पष्ट कीजिए।


जानकारी दीजिए:
त्रिवेणी काव्य प्रकार की विशेषताएँ:

  1. ____________
  2. ____________

लिखिए:


आशय लिखिए:

‘‘ऊँची हुई मशाल हमारी......हमारा घर है।’’


‘देश की रक्षा-मेरा कर्तव्य’, इसपर अपना मत स्पष्ट कीजिए ।


स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ समझते हुए प्रस्तुत गीत का रसास्वादन कीजिए।


जानकारी दीजिए :

गिरिजाकुमार माथुर जी केकाव्यसंग्रह -


सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए –

(१) पाती प्रेम की

(२) साईं


ईश्वर भक्ति तथा प्रेम के आधार पर साखी के प्रथम छह पदों का रसास्वादन कीजिए।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

उसे तुम्हारे शक्ती पर विश्वास हो गया।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

वह निर्भीक व्यक्ती देश में सुधार करता घूमता था।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

हमारा तो सबसे प्रीती है।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

तुम जूठेसाबित होगा।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

इसकी काम आएगा।


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास के प्रमुख ग्रंथ - ____________ ____________


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास की रचनाओं के प्रमुख विषय - ________________________


निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
अब यह आत्मा बलवान और सक्षम हो गई है और छटपटाती छाती को वर्तमान में सताती है।


उत्तर लिखिए:

‘स्वागत है’ काव्य मेंदी गई सलाह। ______


‘स्वागत है’ कविता में ‘डर’ का भाव व्यक्त करने वाली पंक्तियाँ ढूँढ़कर अर्थ लिखिए।


जानकारी दीजिए :

प्रवासी साहित्य की विशेषता -


लिखिए:
कवि ने इनसे सावधान किया है 


जानकारी दीजिए:
अन्य गजलकारों के नाम।


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