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मानवों में नवजात बच्चे के लिंग का निर्धारण कैसे होता है?

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Question

मानवों में नवजात बच्चे के लिंग का निर्धारण कैसे होता है?

Answer in Brief
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Solution

स्पष्टीकरण -

मनुष्यों में नवजात शिशु का लिंग आनुवंशिक रूप से निर्धारित होता है, अर्थात माता-पिता से विरासत में मिले जीन बच्चे के लिंग का निर्धारण करते हैं। यदि एक नवजात शिशु माता से एक X गुणसूत्र और पिता से X गुणसूत्र प्राप्त करता है, तो यह नवजात लड़की होगी और यदि एक नवजात शिशु माता से एक X गुणसूत्र और पिता से Y गुणसूत्र प्राप्त करता है, तो यह नवजात लड़का होगा।

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आनुवंशिकता
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Chapter 9: आनुवंशिकता एवं जैव विकास - Exemplar [Page 77]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Vigyan Exemplar [Hindi] Class 10
Chapter 9 आनुवंशिकता एवं जैव विकास
Exemplar | Q 26. | Page 77

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एक अध्ययन से पता चला कि हलके रंग की आँखों वाले बच्चों के जनक (माता-पिता) की आँखें भी हलके रंग की होती हैं। इसके आधार पर क्या हम कह सकते हैं कि आँखों के हलके रंग का लक्षण प्रभावी है अथवा अप्रभावी? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।


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गलत कथन चुनिए


नयी स्पीशीज का निर्माण हो सकता है जब

  1. जनन कोशिकाओं के DNA में महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं
  2. युग्मक के गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन आ जाता है।
  3. आनुवंशिक पदार्थ में कोई परिवर्तन नहीं होता
  4. जनकों में परस्पर मैथुन नहीं होता

विविधता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?


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मानव के युग्मनज में लिंग गुणसूत्रों के युग्म/युग्मों की संख्या कितनी होती है? के


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