Advertisements
Advertisements
Question
मानवों में नवजात बच्चे के लिंग का निर्धारण कैसे होता है?
Advertisements
Solution
स्पष्टीकरण -
मनुष्यों में नवजात शिशु का लिंग आनुवंशिक रूप से निर्धारित होता है, अर्थात माता-पिता से विरासत में मिले जीन बच्चे के लिंग का निर्धारण करते हैं। यदि एक नवजात शिशु माता से एक X गुणसूत्र और पिता से X गुणसूत्र प्राप्त करता है, तो यह नवजात लड़की होगी और यदि एक नवजात शिशु माता से एक X गुणसूत्र और पिता से Y गुणसूत्र प्राप्त करता है, तो यह नवजात लड़का होगा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
एक अध्ययन से पता चला कि हलके रंग की आँखों वाले बच्चों के जनक (माता-पिता) की आँखें भी हलके रंग की होती हैं। इसके आधार पर क्या हम कह सकते हैं कि आँखों के हलके रंग का लक्षण प्रभावी है अथवा अप्रभावी? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन द्वारा उत्पन्न विभिन्नताएँ अधिक स्थायी होती हैं, व्याख्या कीजिए। यह लैंगिक प्रजनन करने वाले जीवों में विकास को किस प्रकार प्रभावित करता है?
गलत कथन चुनिए
नयी स्पीशीज का निर्माण हो सकता है जब
- जनन कोशिकाओं के DNA में महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं
- युग्मक के गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन आ जाता है।
- आनुवंशिक पदार्थ में कोई परिवर्तन नहीं होता
- जनकों में परस्पर मैथुन नहीं होता
विविधता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
नर और मादा युग्मकों द्वारा साथ लाए जाने वाले विशेषकों (लक्षणों) के दो रूपांतर कहाँ स्थित होते हैं?
मानव के युग्मनज में लिंग गुणसूत्रों के युग्म/युग्मों की संख्या कितनी होती है? के
क्या माँ का आनुवंशिक संयोजन की हाल ही जन्मे बच्चे के लिंग निर्धारण में कोई महत्वपूर्ण भूमिका होती है?
एक महिला ने केवल लड़कियों के ही जन्म दिया। आनुवंशिक दृष्टि से इस स्थिति का विश्लेषण कीजिए और उपयुक्त व्याख्या कीजिए।
वंशागति प्रणाली के मूलभूत लक्षण बताइए।
