English

लिखिए : परिंदों को यह शिकायत है - ________________________ - Hindi

Advertisements
Advertisements

Question

लिखिए :

परिंदों को यह शिकायत है - ________________________

One Line Answer
Advertisements

Solution

परिंदों को यह शिकायत है - परिंदों को यह शिकायत है, हे मालिक कभी तो हमारी बात सुनो। ऐसा प्रतीत होता है कि जो दाना आपकी कृपा से हमें प्राप्त होता है, उसमें भी कीड़े लगे हैं।

shaalaa.com
चुनिंदा शेर
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: चुनिंदा शेर - आकलन [Page 49]

APPEARS IN

Balbharati Hindi Yuvakbharati [English] Standard 12 Maharashtra State Board
Chapter 9 चुनिंदा शेर
आकलन | Q 1.1 | Page 49

RELATED QUESTIONS

लिखिए :

नदी के प्रति उत्तरदायित्व - ________________________


परिणाम लिखिए :

पानी सर से गुजर जाएगा तो - ________________________


परिणाम लिखिए :

कवि जिंदगी के सवालों में खो गए - ________________________


‘क्रांति कभी भी अपने-आप नहीं आती; वह लाई जाती है’, इस कथन पर अपने विचार लिखिए।


कैलाश सेंगर जी की प्रसिद्ध रचनाओं के नाम - ______


निम्नलिखित प्रश्‍न का केवल एक वाक्य में उत्तर लिखिए:

गजल इस भाषा का लोकप्रिय काव्य प्रकार है − 


निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

गजलों से खुशबू बिखराना हमको आता है।
चट्टानों पर फूल खिलाना हमको आता है।

परिंदों को शिकायत है, कभी तो सुन मेरे मालिक।
तेरे दानों में भी शायद, लगा है घुन मेरे मालिक।

हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए।
सारे जवाब उनके उजालों में खो गए।

चट्टानी रातों को जुगनू से वह सँवारा करती है।
बरसों से इक सुबह हमारा नाम पुकारा करती है।

(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)

(१) उत्तर लिखिए: (१)

  • परिंदों को यह शिकायत है:

(२) परिणाम लिखिए: (१)

  • हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए:

(२) उपर्युक्त पद्यांश में आए हुए हिंदी शब्दों के उर्दू शब्द लिखिए: (२)

  1. पक्षी - ______
  2. सपना - ______
  3. प्रश्न - ______
  4. उत्तर - ______

(३) ‘व्यक्ति को अपने जीवन में हमेशा कर्मरत रहना चाहिए’ इस कथन के संबंध में अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)


निम्नलिखित पठित काव्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए: 

जब भी पानी किसी के सर से गुजर जाएगा।
तब वह सीने में नई आग ही लगाएगा।

× ×   × ×

आँखों में बहुत बाढ़ है, शेष सब कुशल।
जीवन नहीं अषाढ़ है, फिर शेष सब कुशल ।

× ×   × ×

सड़क ने जब मेरे पैरों की उँगलियाँ देखीं;
कड़कती धूप में सीने पे बिजलियाँ देखीं।

× ×   × ×

साँस हमारी हमें पराये धन-सी लगती है,
साहुकार के घर गिरवी कंगन-सी लगती है।

× ×   × ×

किसी का सर खुला है तो किसी के पाँव बाहर हैं,
जरा ढंग से तू अपनी चादरों को बुन मेरे मालिक।

× ×   × ×

वह जो मजदूर मरा है, वह निरक्षर था मगर,
अपने भीतर वह रोज, इक किताब लिखता था।

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:   (2)

  1. पानी सर से गुजर जाने का अर्थ क्या है ?
  2. आँखों से आँसू बाढ़ की तरह क्यों बहते रहते हैं ?
  3. मजदूर रोज क्या लिखता था ?
  4. कवि को अपनी साँस कैसी लगती है?

2. निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए:  (2)

  1. नदी - ______
  2. उँगलियाँ - ______
  3. किताब - ______
  4. आँखों - ______

3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए।   (2)

'आकाश के तारे तोड़ लाना' - इस मुहावरे को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।


आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए ‘चुनिंदा शेर’ कविता का रसास्वादन कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×