Advertisements
Advertisements
Question
कीट पीड़कों (पेस्ट/इंसेक्ट) के प्रबंध के लिए जैव-नियंत्रण विधि के पीछे क्या पारिस्थितिक सिद्धांत है?
Advertisements
Solution
जैविक नियंत्रण मुख्यतः परभक्षी-शिकार संबंधों पर निर्भर करता है। बैकुलोवायरस (मुख्य रूप से न्यूक्लियोपॉलीहेड्रोवायरस जीनस) कीटों और आर्थ्रोपोड्स की एक विस्तृत श्रृंखला को नियंत्रित करने में प्रभावी हैं। भृंग (जैसे कोक्सीनेला या लेडीबर्ड भृंग) एफिड्स और अन्य कीटों को नियंत्रित करते हैं। मच्छरों के लार्वा प्रसार को नियंत्रित करने के लिए तालाबों में गैम्बुसिया नामक मछली डाली जाती है। कृषि कीट नियंत्रण में उपयोग की जाने वाली जैविक नियंत्रण रणनीतियाँ शिकारी की अपने शिकार को नियंत्रित करने की क्षमता पर निर्भर करती हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
उन गुणों को बताइए जो व्यष्टियों में तो नहीं पर समष्टियों में होते हैं।
पादपों में शाकाहारिता (हर्बिवोरी) के विरुद्ध रक्षा करने की महत्त्वपूर्ण विधियाँ बताइए।
निम्नलिखित के बीच अन्तर कीजिए
शीत निष्क्रियता और ग्रीष्म निष्क्रियता (हाइबर्नेशन एवं एस्टीवेशन)
निम्नलिखित की परिभाषा दीजिए -
सहभोजिता (कमेंसेलिज्म)
निम्नलिखित की परिभाषा दीजिए -
परजीविता (पैरासिटिज्म)
उपयुक्त आरेख (डायग्राम) की सहायता से लॉजिस्टिक (संभार तंत्र) समष्टि (पॉपुलेशन) वृद्धि का वर्णन कीजिए।
निम्नलिखित का उदाहरण दीजिए –
आन्तरोष्मी (एंडोथर्मिक) प्राणी
सहभोजिता (कमेंसेलिज्म) का एक उदाहरण दीजिए।
सहोपकारिता (म्युचुऑलिज्म) का एक उदाहरण दीजिए।
अंतरजातीय स्पर्धा (इंटरस्पेसिफिक कंपीटीशन) का एक उदाहरण दीजिए।
