Advertisements
Advertisements
Question
कि प्रोक्तवते पाणिनये नमः?
Advertisements
Solution
कृत्स्नं व्याकरण प्रोक्तवते पाणिनये नम:।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
नासिका अनुस्वार्यमानां च किमुच्यते?
ऊष्मण: गति: कतिविधा?
वेदस्य मुखं कि स्मृतम्?
अज्ञानान्धस्य लोकस्य चक्षु; पाणिनिना कया उन्मिलितम्?
निरुक्तं वेदस्य किमुच्यते?
पुत्रान् हरन्ती व्याप्नी तान् काभ्यां न पीडयेत्?
वर्णविद: कि प्राहु:?
कौ वर्णों पराश्रितौ?
वर्णानाम् कति स्थानानि? तानि च कानि इत्यपि स्पष्टं लिखत।
कीदृशा: पाठका: अधमा: मता:?
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत-
मन: कार्याग्निमाहन्ति सः मारुत॑ प्रेरयति ।
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत-
सोदीर्णो मूर्थ्यभिहतो मारूत: वक्त्रमापादूय वर्णान् जनयते।
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत-
ओ ओऔ तु कण्ठोष्ठजौ स्मृतौ।
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत-
पाणिनिना अज्ञानजं तम: विमलै: शब्दवारिभि: भिन्नम्।
अधोलिखितप्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत-
साडगं वेदमधीत्य ब्रह्मलोके महीयते।
शलोकान्वयं समुचितपदै: पूरयत-
त्रिषष्टिश्चतु :षष्टिवा वर्णा: शम्भुमते मता:।
प्राकृते संस्कृते चापि स्वयं प्रोक्ताः: स्वयंभुवा॥
शलोकान्वयं समुचितपदै: पूरयत-
अधोलिखितश्लोकयो: भाव समुचितपदै: पूरयत-
|
कथितम्, अस्त्रस्वरूपा:, दन्दष्ट्र्याम, विचाराभिव्यक्तये अतिध्यानेन, परमावश्यकम्
|
व्याप्री यथा हरेत्पत्रान्द्रष्ट्राभ्यां न तु पीडयेत्।
भाव:- कस्यापि भाषाया: यदि उच्चारणं लेखन वा सम्यक् न क्रियते तदा
समुचितमज्जूषायां लिखत-
|
श्रिःकम्पी, लयसमर्थम्, अल्पकण्ठ:, गीती, माधुर्यम्, सुस्वर:, अनर्थज्ञ:, पदच्छेद: |
| पाठकाधमाः | पाठकगुणा |
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
उदाहरणानुसार प्रदत्तपदेभ्य: उपसर्ग चित्वा उपसर्गसहायतया नवीनपदं रचयत-
| उपसर्ग: | नवीनपदम् | |
| उदाहरणमू- प्रोक्ता: | प्र | प्रारम्भ: |
| अनुस्वार | ______ | ______ |
उदाहरणानुसार प्रदत्तपदेभ्य: उपसर्ग चित्वा उपसर्गसहायतया नवीनपदं रचयत-
| उपसर्ग: | नवीनपदम् | |
| उदाहरणमू- प्रोक्ता: | प्र | प्रारम्भ: |
| विसर्गः | ______ | ______ |
उदाहरणानुसार प्रदत्तपदेभ्य: उपसर्ग चित्वा उपसर्गसहायतया नवीनपदं रचयत-
| उपसर्ग: | नवीनपदम् | |
| उदाहरणमू- प्रोक्ता: | प्र | प्रारम्भ: |
| दुश्स्यृष्टः | ______ | ______ |
उदाहरणानुसार प्रदत्तपदेभ्य: उपसर्ग चित्वा उपसर्गसहायतया नवीनपदं रचयत-
| उपसर्ग: | नवीनपदम् | |
| उदाहरणमू- प्रोक्ता: | प्र | प्रारम्भ: |
| अधिगम्य | ______ | ______ |
उदाहरणानुसार प्रदत्तपदेभ्य: उपसर्ग चित्वा उपसर्गसहायतया नवीनपदं रचयत-
| उपसर्ग: | नवीनपदम् | |
| उदाहरणमू- प्रोक्ता: | प्र | प्रारम्भ: |
| सुस्वरः | ______ | ______ |
समुचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत-
लुकार______एव स;।
समुचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत-
वर्णानां विभाग: ______ स्मृत:।
समुचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत-
दन्त्योष्ठो ______ विस्मृतो बुधे:।
समुचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत-
______ विज्ञेया आश्रयस्थानभागिन:।
समुचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत-
छन्द: ______ तु वेदस्य।
समुचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत-
शिक्षा ______ तु वेदस्थ।
