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Question
जिन चीजों को तुम ज़्यादा खाते हो उन पर Ο लगाओ।
चावल, रागी, मक्का, बाजरा,
गेहूँ, जई, कप्पा (टैपिओका), जौ
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Solution

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तुमने कल क्या-क्या खाया? नीचे दी गयी थाली में उनके नाम लिखो।

अपनी-अपनी थाली में जो लिखा है, उसे ब्लैकबोर्ड पर लिखो।

क्या तुम्हारी कक्षा में कल सबने एक जैसा खाना था? ऐसा क्यों?
दादी सीढ़ियाँ जल्दी क्यों नहीं चढ़ पाई?
कहानी में जितने लोग आए, उनमें से कितने लोग भुट्टा खा पाएँगे? और क्यों?
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अपना-अपना खाना विपुल के परिवार में कुछ लोग कई चीज़ें नहीं खाते, जो वह खाता है। सोचो उसके परिवार के लोग वे चीज़ें खाते ही नहीं या खा नहीं सकते? आओ विपुल के परिवार के बारे में पढ़ें- स्कूल से घर जाते-जाते विपुल ने एक भुट्टा खरीद। भुट्टा खाते-खाते विपुल घर में घुसा और माँ से पूछा - माँ छुटकी कहाँ है? पहले तो मैं उसे ही देखूँगा। माँ ने हाँसते हुए कहा - छुटकी ऊपर कमरे में है। विपुल ने दादी का हाथ पकड़कर कहा - दादी, तुम भी चलो न! माँ ने कहा - रुको, मैंने बा की रोटी दाल में डालकर रखी है। पहले वे खा तो लें। बेटा आज तो दाल में शक़्कर ठीक से डाली है न? यहाँ नागपुर आकर तुम लोग अपना खाना भूलते जा रहे हो - दादी ने माँ से कहा। माँ ने जवाब दिया - बा, मैंने चख कर देखी है , बढ़िया बनी है। मैं दादी का खाना भी ऊपर ले जाता हूँ - कहते हुए विपुल ने थाली उठाई और फटाफट सीढ़ियाँ चढ़ गया। दादी जल्दी चढ़ो न! - विपुल ने पुकारा। दादी ने कहा - जब मैं तुम्हारी उम्र की थी तब मैं इतनी देर में सीढ़ियाँ तो क्या पहाड़ भी चढ़ जाती थी। विपुल ने अंदर जाकर अपना भुट्टा मामी को थमाया और हाथ धोकर छुटकी को उठा लिया। अचानक छुटकी ने रीना शुरू कर दिया। यह अब ऐसे चुप नहीं होगी, इसे भूख लगी है - कहते हुए मामी छुटकी को दूध पिलाने बैठ गई। |
चार महीने तक छुटकी केवल अपनी माँ का ही दूध पीएगी। वह ही उसका खाना है। सोचो, क्यों?
अपने आस-पास के बड़ों से पूछकर तालिका भरो-
| क्या-कया खा पाते हैं | क्या-क्या नहीं खा पाते | |
| बच्चा | ||
| जवान | ||
| बूढ़ा |
हम लोग अलग-अलग चीजों तो खाते ही हैं। एक ही चीज़ का इस्तेमाल करके अलग-अलग भोजन भी बनाते हैं। पता करो और लिखो कि गेहूँ और चावल से क्या-क्या बनता है?

क्या तुम्हारी पसंद-नापसंद तुम्हारे परिवार के लोगों से मिलती है?
खाने की कुछ ऐसी चीज़ों के नाम लिखो, जो तुमने कभी नहीं खाईं, लेकिन खाने का मन करता है।
