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Question
इस कहानी में लेखक ने जगह-जगह पर सीधी-सी बात कहने के बदले रोचक मुहावरों, उदाहरणों आदि के द्वारा कहकर अपनी बात को और अधिक मजेदार/रोचक बना दिया है। कहानी से वे वाक्य चुनकर लिखिए जो आपको सबसे अधिक मजेदार लगे।
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Solution
- पर ढाई सौ रुपये तो एक साथ आँख सेंकने को भी नहीं मिलते थे।
- उनका जी एक बार जोर से सनसनाया और फिर बैठ गया।
- “अजी हटो, ढाई सौ रुपये के लिए भाई से भीख माँगोगी, मुझसे ले लेना।”
- “सप्ताह से आपका तात्पर्य सात दिन से है या सात वर्ष से ?”
- इस समय अगर दुम दबाकर भागते तो फिर उसे क्या मुँह दिखालाएँगे?
- अभी अगर चू कर देता हूँ तो बाल्टी में भोजन मिलेगा। तब क्या करना बाकी रह जाएगा।
- लाला जी गुस्सा पीकर पानी पीने लगे।
- यह लोटा न जाने किस अनाधिकारी के झोंपड़े पर काशीवास का संदेश लेकर पहुँचेगा?
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नेहरू जी ने कहा है कि - "इतिहास की उपेक्षा के परिणाम अच्छे नहीं हुए।" आपके अनुसार इतिहास लेखन में क्या-क्या शामिल किया जाना चाहिए है? एक सूची बनाइए और उस पर कक्षा में अपने साथियों और अध्यापकों से चर्चा कीजिए।
'भारत माता की जय' − आपके विचार से इस नारे में किसकी जय की बात कही जाती है? अपने उत्तर का कारण भी बताइए।
"माँ खिलखिलाकर हँस दीं।" इस वाक्य में 'खिलखिलाकर' शब्द बता रहा है कि माँ कैसे हँसी थीं। इसी प्रकार नीचे दिए गए रेखांकित शब्दों पर भी ध्यान दो। इन शब्दों से एक-एक वाक्य बनाओ।
(क) पिताजी ने झिड़ककर कहा, "तू खड़ा क्या देख रहा है?"
(ख) "आज दरवाज़े बंद रखो," उन्होंने हुक्म दिया।
(ग) "देखो जी, चिड़ियों को मत निकालो," माँ ने अबकी बार गंभीरता से कहा।
(घ) "किसी को सचमुच बाहर निकालना हो, तो उसका घर तोड़ देना चाहिए," उन्होंने गुस्से में कहा।
तुम इनसे मिलते-जुलते कुछ और शब्द सोचो और उनका प्रयोग करते हुए कुछ वाक्य बनाओ।
संकेत – धीरे से, ज़ोर से, अटकते हुए, हकलाते हुए, फुसफुसाते हुए आदि।
इस पत्र में लेखक ने अलग-अलग तरह के पेड़-पौधों का ज़िक्र किया है। पता लगाओ, वे कौन से पेड़-पौधे हो सकते हैं। इस काम के लिए तुम अपने अध्यापकों, अपने साथियों, पुस्तकालय या अन्य साधनों की भी सहायता ले सकते हो।
| संकेत | नाम | |
| (क) जिसे नए साल पर लगाते/सजाते हैं | |
__________ |
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(ख) सफ़ेद कुमुदनी जैसा नीला-बैंगनी फूल |
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__________ |
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(ग) सफ़ेद कुमुदनी जैसा नीला-बैंगनी फूल |
![]() |
गुलाब, सूरजमुखी, कनेर |
केशव ने कार्टून बनाना, गुड़ियों व पुस्तकों का संग्रह करना, पत्रिका में लिखना व पत्रिका निकालना, बाल चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन व बच्चों का सम्मेलन कराना जैसे तरह-तरह के काम किए। उनको किसी एक काम के लिए भी तरह-तरह के काम करने पड़े होंगे। अब बताओ कि–
(क) कार्टून बनाने के लिए उन्हें कौन-कौन से काम करने पड़े होंगे?
(ख) बच्चों के लिए बाल चित्रकला प्रतियोगिता कराने के लिए क्या-क्या करना पड़ा होगा?
(ग) केशव शंकर पिल्लै की तरह कुछ और भी लोग हुए हैं जिन्होंने तरह-तरह के काम करके काफी नाम कमाया। तुम्हारी पसंद के वो कौन-कौन लोग हो सकते हैं? तुम उनमें से कुछ के नाम लिखो और उन्होंने जो कुछ विशेष काम किए हैं उनके नाम के आगे उसका भी उल्लेख करो।
आमतौर पर लोग अपनी मनपसंद, महत्वपूर्ण और आवश्यक चीज़ों का संग्रह करते हैं। नीचे कुछ चीज़ों के नाम दिए गए हैं। जैसे-
(क) डाक-टिकट
(ख) पुराने सिक्के
(ग) गुड़िया
(घ) महत्वपूर्ण पुस्तकें
(ङ) चित्र
(च) महत्वपूर्ण व्यक्तियों के हस्तलेख
इसके अतिरिक्त भी तुम्हारे आसपास कुछ चीज़ें होती हैं जिसे लोग बेकार या अनुपयोगी समझकर कूड़ेदान या अन्य उपयुक्त जगह पर रख या फेंक देते हैं।
(क) तुम पता करो यदि उसका भी कोई संग्रह करता है तो क्यों?
(ख) उसका संग्रह करने वालों को क्या परेशानियाँ होती होंगी?
(इनके उत्तर के लिए तुम बड़ों की सहायता ले सकते हो।)
कहानी में चित्रकार बना मोहन, शायर बना सोहन और संगीतकार बना श्याम अपनी-अपनी कला को महान बताने के साथ एक-दूसरे को छोटा-बड़ा बताने वाले संवादों को बोलकर झगड़े की समस्या को बढ़ावा देते दिख रहे हैं। तुम उन संवादों को गौर से पढ़ो और उसे इस तरह बदलकर दिखाओ कि आपसी झगड़े की समस्या का समाधान हो जाए। चलो शुरुआत हम कर देते हैं; जैसे–'चित्रकार कहता है उसकी कला महान' के बदले अगर चित्रकार कहे कि 'हम सबकी कला महान' तो झगड़े की शायद शुरूआत ही न हो। अब तुम यह बताओ कि -
(क) संगीतकार को क्या कहना चाहिए?
(ख) शायर को क्या कहना चाहिए?
(ग) तुम यह भी बताओ कि इन सभी कलाकारों को तुम्हारे अनुसार वह संवाद क्यों कहना चाहिए?
"जो लोग चौकसी से हटते, वे अपने कपड़े बदलते, खाना खाते, पढ़ते, रेडियो सुनते और अपनी ड्यूटी के अन्य कार्य जैसे रेडियो की जाँच, इंजन की जाँच तथा व्यंजन सूची के अनुसार भोजन बनाने के लिए राशन देने का काम निबटाते।"
इस वाक्य को कई छोटे-छोटे वाक्यों के रूप में भी लिखा जा सकता है जैसे–
जो लोग चौकसी से हटते, वे अपने कपड़े बदलते। वे खाना खाते, पढ़ते और रेडियो सुनते। वे अपनी ड्यूटी के अन्य कार्य करते जैसे रेडियो की जाँच और इंजन की जाँच। वे व्यंजन सूची के अनुसार भोजन बनाने के लिए राशन देने का काम निबटाते।
तुम इसी प्रकार नीचे लिखे वाक्य को छोट-छोटे वाक्यों में बदलो–
प्रथम भारतीय नौका अभियान दल विश्व की परिक्रमा करके 54,000 किलोमीटर की दूरी मापकर 470 दिन की ऐतिहासिक यात्रा के बाद 10 जनवरी, 1987 को 6.00 बजे मुंबई बंदरगाह पहुँचा।
नीचे लिखे वाक्य में मुहावरे का प्रयोग किया गया है। इस मुहावरे का प्रयोग करते हुए तुम कुछ नए वाक्य बनाओ।
किसी को कानो-कान खबर न हो।
तुम भी कभी क्षमायाचना और शिकायतों का व्यवहार करते होगे। बताओं वह कौन-कौन से अवसर होते हैं और किन-किन चीज़ों के बारे में किस-किस से तुम क्षमा याचना और शिकायत करते हो?
मान लो कि तुम्हारे स्कूल और किसी अन्य स्कूल के बीच क्रिकेट मैच हुआ और उसमें तुम्हारे स्कूल की क्रिकेट टीम की जीत हुई हो। मगर, किसी समाचार-पत्र में खबरें तो सही रूप में तुम्हारे स्कूल और किसी अन्य स्कूल के बीच में खेले गए मैचों की छापी गई हो और उसके साथ जो तस्वीरें छापी गई हों, वह किसी दूसरे मैच में खेलने वाली टीम की हो। इसके लिए तुम शिकायत करना चाहो तो क्या-क्या करोगे?
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नीचे तालिका दी गई है। पता करो कि खाने की उन चीज़ों में कौन से पोषक तत्व होते हैं। उसे तालिका में लिखो।
|
क्रम सं. |
खाने की चीज़ों |
पोषक तत्व |
|
(क) |
पालक |
______ |
|
(ख) |
गाजर |
______ |
|
(ग) |
दूध |
______ |
|
(घ) |
संतरा |
______ |
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(ङ) |
दालें |
______ |
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