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Question
इन रुबाइयों से हिंदी, उर्दू और लोकभाषा के मिले-जुले प्रयोगों को छाँटिए।
Answer in Brief
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Solution
रुबाइयों में हिंदी, उर्दू और लोकभाषा के मिले-जुले प्रयोग इस प्रकार हैं-
- लोता देती है
- घुटनियों में ले के है पिन्हाती कपड़े
- गेसुओं में कंघी करके
- रूपवती मुखड़े पै इक नर्म दमक
- ज़िदयाया है
- रस की पुतली
- आईने में चाँद उतर आया है
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रुबाइयाँ
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कविता में एक भाव, एक विचार होते हुए भी उसका अंदाज़े बयाँ या भाषा के साथ उसका बर्ताव अलग-अलग रूप में अभिव्यक्ति पाता है। इस बात को ध्यान रखते हुए नीचे दी गई कविताओं को पढ़िए और दी गई फ़िराक की गज़ल-रुबाई में से समानार्थी पंक्तियाँ ढूँढ़िए।
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