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Question
घमंड करने को मनुष्य के विकास का बाधक समझा जाता है। क्या आपमें घमंड करने की प्रवृत्ति है?
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Solution
घमंड या अहंकार मनुष्य के विकास में काफ़ी बाधक है। व्यक्ति को अपने आप पर या धन दौलत पर घमंड नहीं करना चाहिए। एक छोटी-सी वस्तु या छोटा व्यक्ति भी हमारे घमंड को चुनौती देने की क्षमता रखता है और मुसीबत में डाल सकता है। मेरे सोच में किसी प्रकार की घमंडी बनने की प्रवृत्ति नहीं है। मैं एक सामान्य जीवन व्यतीत करता हूँ।
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RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली कविता के रचयिता हैं
कठपुतलियाँ किसका प्रतीक हैं?
कविता की इस पंक्ति पर ध्यान दो-
"बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं।"
अब तुम यह बताओ कि पेड़ों और बच्चों में क्या कुछ समानता है? उसे अपने ढंग से लिखो।
तुम्हें अपने आस-पास यदि लगे कि किसी को सचमुच में आज भी मान-सम्मान नहीं मिला है ओर उसको तुम मान-सम्मान दिलाना चाहते हो तो उनके नामों की सूची बनाओ।
रिक्त स्थान पूरे करो।
| नमूना → | वह मोर सा नाचता है। |
मेघाश्री की आवाज़ __________ की तरह मीठी है।
नीचे लिखी पंक्ति को पढ़कर उत्तर दो।
"रोज त्योहार मनाएँगे।"
तुम्हारे विचार से क्या रोज़ त्योहार मनाना उचित है? क्यों?
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?
कविता की भाषा में लय या तालमेल बनाने के लिए प्रचलित शब्दों और वाक्यों में बदलाव होता है। जैसे-आगे-पीछे अधिक प्रचलित शब्दों की जोड़ी है, लेकिन कविता में 'पीछे-आगे' का प्रयोग हुआ है। यहाँ 'आगे' का '...बोली ये धागे' से ध्वनि का तालमेल है। इस प्रकार के शब्दों की जोड़ियों में आप भी परिवर्तन कीजिए-दुबला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, गोरा-काला, लाल-पीला आदि।
शाम के बदले यदि आपको एक कविता सुबह के बारे में लिखनी हो तो किन-किन चीजों की मदद लेकर अपनी कल्पना को व्यक्त करेंगे? नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के आधार पर सोचिए
पेड़ों के झुनझुने
बजने लगे;
लुढ़कती आ रही है।
सूरज की लाल गेंद।
उठ मेरी बेटी, सुबह हो गई।
निम्नलिखित शब्द का प्रयोग आप किन संदर्भ में करेंगे? इस शब्द का दो वाक्य बनाइए।
औंधी
इस कविता में किस वातावरण का चित्रण है?
इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
तिनके से कवि की क्या हालत हो गई?
नीचे दो पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें से पहली पंक्ति में रेखांकित शब्द दो बार आए हैं, और दूसरी पंक्ति में भी दो बार। इन्हें पुनरुक्ति (पुनःउक्ति) कहते हैं। पहली पंक्ति में रेखांकित शब्द विशेषण हैं और दूसरी पंक्ति में संज्ञा।
‘नन्हीं-नन्हीं बूंदन मेहा बरसे’
‘घर-घर खुले किंवारे’
• इस प्रकार के दो-दो उदाहरण खोजकर वाक्य में प्रयोग कीजिए और देखिए कि विशेषण तथा संज्ञा की पुनरुक्ति के अर्थ में क्या अंतर है?
जैसे–मीठी-मीठी बातें, फूल-फूल महके।
बहुविकल्पी प्रश्न
दही कौन बिलो रही है?
बहुविकल्पी प्रश्न
इस कविता में किस ऋतु का वर्णन है
मीरा ने सावन का वर्णन किस प्रकार किया है?
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।
नमूने के अनुसार लिखो:
| नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
| चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
कच्चे-पक्के फल पहचाने,
खाए और गिराए काट।
