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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 10th Standard

गद्यांशं पठित्वा सरलार्थ लिखत। श्रोतृवृन्दः भोः पुराणिकवर्य, कथं नदी अस्माकं माता? कीदृशाः नदीनाम्‌ उपकाराः? कीर्तनकारः शृणुत आर्याः शृणुत। अतिप्राचीना खलु एषा कथा। - Sanskrit - Composite [संस्कृत - संयुक्त (द्वितीय भाषा)]

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Question

गद्यांशं पठित्वा सरलार्थ लिखत

श्रोतृवृन्दः भोः पुराणिकवर्य, कथं नदी अस्माकं माता? कीदृशाः नदीनाम्‌ उपकाराः?
कीर्तनकारः शृणुत आर्याः शृणुत। अतिप्राचीना खलु एषा कथा। अस्ति विश्वामित्रः नाम कुशिकपुत्रः मुनिवरः। सपरिवारं, सगोधनं सः दूरतः आगतः।
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Solution 1

English: 

Audience O venerable storyteller, how can a river be our mother? What are the favours she has done for us?
Narrator Listen, O people, listen! This is truly a very ancient tale. Vishvamitra, the son of Kushika, was a great farmer. He had come here from afar with his family and cattle.
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Solution 2

हिंदी: 

श्रोतृवृन्द हे पूज्य कथावाचक, नदी हमारी माता कैसे हो सकती है? उसने हमारे ऊपर कौन से उपकार किए हैं?
कीर्तनकार सुनो, हे लोगों, सुनो! यह वास्तव में एक बहुत प्राचीन कथा है। कुशिक के पुत्र विश्वामित्र एक महान कृषक थे। वे अपने परिवार और पशुओं के साथ दूर-दराज़ से यहाँ आए थे।
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Solution 3

मराठी:

श्रोतृवृंदः  अहो पुराणिकबुवा, नदी आपली आई कशी असू शकते? तिचे उपकार काय आहेत?
कीर्तनकार ऐका हो लोकांनो, ऐका! ही कथा खरोखरच फार प्राचीन कथा आहे. कुशिकांचे पुत्र विश्वामित्र हे महान कृषक होते. ते आपल्या कुटुंबासह आणि गुराढोरांसह दूरवरून येथे आले होते.
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