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गांधी जी के तीनों बंदर आँख, कान, मुँह बंद करते थे किंतु उनका उद्देश्य अलग था कि वे बुरा न देखेंगे, न सुनेंगे, न बोलेंगे। यहाँ राजा ने अपने लाभ के लिए या राज्य की प्रगति के लिए ऐसा

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Question

गांधी जी के तीनों बंदर आँख, कान, मुँह बंद करते थे किंतु उनका उद्देश्य अलग था कि वे बुरा न देखेंगे, न सुनेंगे, न बोलेंगे। यहाँ राजा ने अपने लाभ के लिए या राज्य की प्रगति के लिए ऐसा किया। दोनों की तुलना कीजिए।

Very Long Answer
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Solution

गांधी जी के तीनों बंदरों का उद्देश्य बिल्कुल अलग था। गांधी जी के बंदर अपने संकेतों के माध्यम से व्यक्ति को अपने व्यवहार को सुधारने और सामाजिक, राजनीतिक तथा धार्मिक बुराइयों के प्रति अहिंसक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देते हैं। वे गलत बातों के विरोध के प्रतीक हैं। दूसरी ओर, राजा के आदेश के अनुसार आँख, कान और मुँह बंद करना जनता को शासन के कार्यों में हस्तक्षेप न करने और उसकी गलत नीतियों के खिलाफ आवाज़ न उठाने का संदेश देता है। गांधी जी एक आदर्श और महान व्यक्ति थे, जबकि राजा स्वार्थी और तानाशाही प्रवृत्ति का था। गांधी जी के बंदर अपनी इच्छा से अच्छे आचरण की प्रेरणा देते हैं, वहीं राजा ने जनता को अपने आदेशों का पालन करने के लिए मजबूर किया।

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असगर वजाहत
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Chapter 2.05: असगर वजाहत (शेर, पहचान, चार हाथ. साझा) - प्रश्न-अभ्यास [Page 107]

APPEARS IN

NCERT Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
Chapter 2.05 असगर वजाहत (शेर, पहचान, चार हाथ. साझा)
प्रश्न-अभ्यास | Q 1. | Page 107
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