Advertisements
Advertisements
Question
फुफ्फुस में कूपिकाओं की तथा वृक्क में वृक्काणु (नेफ्रान) की रचना तथा क्रियाविधि की तुलना कीजिए।
Advertisements
Solution
| कूपिका | वृक्काणु |
| संरचना | संरचना |
| कूपिका फेफड़ों के अंदर छोटी गुब्बारे जैसी संरचनाएं होती हैं। | वृक्काणु गुर्दे के अंदर नलिका जैसी संरचनाएं होती हैं। |
| कूपिका की दीवारें एक कोशिका मोटी होती हैं और इसमें रक्त वाहिकाओं का एक विस्तृत जाल होता है। | वृक्काणु में ग्लोमेरुलस, बोमन की थैली, और एक लंबी वृक्क नलिका होती है। |
| क्रियाविधि | क्रियाविधि |
| कूपिका और उनके आसपास की रक्त वाहिकाओं के बीच O2 और CO2 का आदान-प्रदान होता है। | रक्त वृक्क धमनी के माध्यम से गुर्दे में प्रवेश करता है और यहाँ नाइट्रोजेन युक्त अपशिष्ट वृक्क नलिका द्वारा इकट्ठा करके मूत्र के रूप में बाहर निकाला जाता है। |
|
कूपिका शुद्ध व अशुद्ध वायु का वहन करती है। |
वृक्काणु शुद्ध व अशुद्ध रुधिर वायु का वहन करती है। |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
ग्लूकोज़ के ऑक्सीकरण से भिन्न जीवों में ऊर्जा प्राप्त करने के विभिन्न पथ क्या हैं?
मनुष्यों में ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन कैसे होता है?
गैसों के विनिमय के लिए मानव-फुफ्फुस में अधिकतम क्षेत्रफल को कैसे अभिकल्पित किया है?
स्तनधारी तथा पक्षियों में ऑक्सीजनित तथा विऑक्सीजनित रुधिर को अलग करना क्यों आवश्यक है?
पायरुवेट के विखंडन से यह कार्बन डाइऑक्साइड, जल तथा ऊर्जा देता है और यह क्रिया होती है
वायवीय तथा अवायवीय श्वसन में क्या अंतर हैं? कुछ जीवों के नाम लिखिए जिनमें अवायवीय श्वसन होता है।
मनुष्य में दोहरा परिसंचरण की व्याख्या कीजिए।
श्वसन के दौरान, गैसों का विनिमय कहाँ होता है?
मानव में साँस लेने की प्रक्रिया की व्याख्या कीजिए।
मनष्यु में दोहरा परिसंचरण क्यों आवश्यक है?
