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एक वृत्ताकार कुंडली जिसमें 20 फेरे हैं और जिसकी त्रिज्या 10 cm है, एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में रखी है जिसका परिमाण 0.10 है और जो कुंडली के तल के लम्बवत है। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

एक वृत्ताकार कुंडली जिसमें 20 फेरे हैं और जिसकी त्रिज्या 10 cm है, एकसमान चुम्बकीय क्षेत्र में रखी है जिसका परिमाण 0.10 है और जो कुंडली के तल के लम्बवत है। यदि कुंडली में 5.0 A विद्युत धारा प्रवाहित हो रही हो तो,

  1. कुंडली पर लगने वाला कुल बल-युग्म आघूर्ण क्या है?
  2. कुंडली पर लगने वाला कुल परिणामी बल क्या है?
  3. चुम्बकीय क्षेत्र के कारण कुंडली के प्रत्येक इलेक्ट्रॉन पर लगने वाला कुलै’औसत बल क्या है?

(कुंडली 10-5 m2 अनुप्रस्थ क्षेत्र वाले ताँबे के तार से बनी है, और ताँबे में मुक्त इलेक्ट्रॉन घनत्व 1029 m-3 दिया गया है।)

Numerical
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Solution

फेरे N = 20, i = 5.0 A, r = 0.10 m, B = 0.10 T
इलेक्ट्रॉन घनत्व n = 1029 m-3,
तार का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल A = 10-5 m2

(a) कुंडली का तल चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत् है; अत: कुंडली के तल पर अभिलम्ब व चुम्बकीय क्षेत्र के बीच का कोण शून्य है (θ = 0°)
बल-आघूर्ण τ = NiLAB sin 0° = 0

(b) कुंडली पर नेट बल भी शून्य है।

(c) यदि इलेक्ट्रॉनों का अपवाह वेग vd है तो

i = ne Avd   `=> "v"_"d" = 1/("neA")`

∴ प्रत्येक इलेक्ट्रॉन पर बल F = evdB sin 90°

`=> "F" = "e" "i"/"neA" "B" = "iB"/"nA" = (5.0 xx 0.10)/(10^29 xx 10^-5) = 5.0 xx 10^-25`N

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विद्युत धारा पाश पर बल आघूर्ण, चुंबकीय द्विधुव - एकसमान चुंबकीय क्षेत्र में आयताकार विद्युत धारा पाश पर बल आघूर्ण
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