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Question
एक उभयलिंगी पौधे में नन्हे पुंकेसरों को कृत्रिम रूप से निकाल दिए जाने पर भीफल उत्पन्न होते हैं। उपरोक्त परिस्थिति के लिए उपयुक्त व्याख्या प्रस्तुत कीजिए।
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Solution
एक उभयलिंगी फूल में नर प्रजनन अंग, पुंकेसर और मादा प्रजनन अंग, स्त्रीकेसर दोनों होते हैं। यदि पुंकेसर हटा दिए जाएं तो पुष्प में स्त्रीकेसर उपस्थित होता है। क्रॉस परागण के बाद सफल निषेचन के बाद, स्त्रीकेसर का अंडाशय एक फल के रूप में विकसित हो गया होगा।
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परागण क्रिया निषेचन से किस प्रकार भिन्न है?
परागकोश में होते हैं -
एक पुष्प में लैंगिक जनन की परिघटनाओं का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
पुष्पी पौधे में जनन अवस्थाओं का सही क्रम कौन-सा है?
एकलिंगी पुष्पों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
- इनमें पुंकेसर और स्त्रीकेसर दोनों होते हैं।
- इनमें या तो पुंकेसर होते हैं अथवा स्त्रीकेसर होते हैं
- इनमें परागण होता है
- वे एकलिंगी पुष्प जिनमें केवल पुंकेसर होते हैंफल उत्पन्न नहीं कर पाते
पुष्पी पौधों के संदर्भ में लैंगिक जनन के बारे में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कथन सही है?
- इसे दो प्रकार के युग्मकों की आवश्यकता होती है
- निषेचन एक अनिवार्य घटना होती है।
- इसके फलस्वरूप हमेशा ही युग्मनज बनता है
- इससे बनने वाली संतति क्लोन होती है
चित्र में भाग A, B और C किस क्रम में होते हैं :

जिन पुष्पों में परागण नहीं होता है तो ऐसे पुष्पों में निषेचन क्यों नहीं हो सकता?
परागण और निषेचन के बीच अंतर बताइए। एक पुष्प में निषेचन का स्थल और उसके उत्पाद बताइए। स्त्रीकेसर का स्वच्छ एवं नामांकित आरेख बनाइए तथा उसमें परागनली की वृद्धि और बीजांड में उसके प्रवेश करते हुए दिखाइए ।
पुष्प का आरेख बनाइए और उसके चार चक्करों को नामांकित कीजिए। पुष्प के उन अंगों के नाम लिखिए जिनमें युग्मक बनते है।
