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Question
एक प्रवेश परीक्षा की दो परीक्षणों (Tests) के आधार पर श्रेणीबद्ध किया जाता है। किसी यादृच्छया चुने गए विद्यार्थी की पहले परीक्षण में उत्तीर्ण होने की प्रायिकता 0.8 है और दूसरे परीक्षण में उत्तीर्ण होने की प्रायिकता 0.7 है। दोनों में से कम से कम एक परीक्षण उत्तीर्ण करने की प्रायिकता 0.95 है। दोनों परीक्षणों को उत्तीर्ण करने की प्रायिकता क्या है?
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Solution
माना A और B क्रमशः पहले और दूसरे परीक्षण में उत्तीर्ण होने को दर्शाते हैं।
P(A) = 0.8, P(B) = 0.7
कम से कम एक परीक्षण में उत्तीर्ण होने की प्रायिकता
= 1 – P(A’ ∩ B’) = 0.95
⇒ P(A’ ∩ B’) = 1 – 0.95
= 0.05
परंतु A’ ∩ B’ = (A ∪ B)’ ...(डी-मोरगन् नियम द्वारा)
∴ P(A’ ∩ B’) = P(A ∪ B)’ = 1 – P(A ∪ B)
= 0.05
∴ P(A ∪ B) = 1 – 0.05
= 0.95
अब P(A ∪ B) = P(A) + P(B) – P(A ∩ B)
0.95 = 0.8 + 0.7 – P(A ∩ B)
P(A ∩ B) = 1.5 – 0.95
= 0.55
इस प्रकार दोनों परीक्षणों को उत्तीर्ण करने की प्रायिकता = 0.55
