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Question
‘दूर के ढोल सुहावने होते हैं’ एक लोकोक्ति है। लोक में प्रचलित लोकप्रिय वाक्य या वाक्यांश को लोकोक्ति कहते हैं, जो किसी विशेष अर्थ या सीख को व्यक्त करता है। लोकोक्ति भाषा को समृद्ध करती है तथा विचारों को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करने में सहायता करती है। यह लोगों के अनुभव, विश्वास और मूल्यों को दर्शाती है।
आपने यह लोकोक्ति भी सुनी होगी- ‘आम के आम गुठलियों के दाम’। अब आप इस लोकोक्ति और ‘जैविक खाद की निर्मिति में हमारा प्रयास’ विषय को मिलाकर एक संक्षिप्त लेख तैयार कीजिए।
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Solution
गर्मी की छुट्टियों में मैं अपने मामा के गाँव गया। दूर से गाँव हरे-भरे खेतों, पेड़ों और शांत वातावरण के कारण बहुत सुंदर लग रहा था। लेकिन वहाँ पहुँचने पर पता चला कि कई सुविधाएँ कम थीं और कुछ कठिनाइयाँ भी थीं। तब मुझे समझ आया कि “दूर के ढोल सुहावने होते हैं।”
फिर भी गाँव में रहकर मैंने खेती के बारे में बहुत कुछ सीखा, ताजे फल-सब्जियाँ खाईं और परिवार के साथ अच्छा समय बिताया। इस यात्रा से मुझे आनंद के साथ नई जानकारी भी मिली। इसलिए कहा जा सकता है कि “आम के आम, गुठलियों के दाम।”
