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“दोनों गधे अभी तक ज्यों-के-त्यों खड़े थे।” भय और संकोच इंसान को अवसर मिलने पर भी जकड़े रखता है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? इस वाक्य के संबंध में कहानी और अपने अनुभवों से उदाहरण लेते हुए

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Question

“दोनों गधे अभी तक ज्यों-के-त्यों खड़े थे।” भय और संकोच इंसान को अवसर मिलने पर भी जकड़े रखता है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? इस वाक्य के संबंध में कहानी और अपने अनुभवों से उदाहरण लेते हुए अपने विचार लिखिए।

Long Answer
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Solution

हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। भय के कारण व्यक्ति सही अवसर मिलने पर भी कदम नहीं उठा पाता। कहानी में दीवार टूटने और बाहर निकलने का रास्ता मिलने पर दूसरे जानवर भाग गए, लेकिन दोनों गधे पकड़े जाने के डर से वहीं खड़े रहे। जीवन में भी कभी-कभी विद्यार्थी उत्तर जानते हुए भी संकोच के कारण कक्षा में हाथ नहीं उठाते। हिम्मत करके कोशिश करने से डर कम होता है और अवसर का लाभ मिलता है।

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Chapter 1: दो बैलों की कथा - अभ्यास [Page 18]

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NCERT Hindi Ganga Class 9
Chapter 1 दो बैलों की कथा
अभ्यास | Q 2. | Page 18
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