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Question
‘डिजिटल इंडिया’ के दौर में संवदिया की क्या कोई भूमिका हो सकती है?
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Solution
डिजिटल इंडिया के समय में संवादिया की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। आज संचार के साधनों में इतनी प्रगति हो चुकी है कि कोई भी संदेश कुछ ही क्षणों में पहुँच जाता है। इस तेज़ गति वाले युग में कोई व्यक्ति संवादिया की तरह संदेश पहुँचाने के लिए समय निकालना या किसी समाचार को पहुँचाने में लंबी प्रतीक्षा करना संभव नहीं समझता।
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