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‘डिजिटल इंडिया’ के दौर में संवदिया की क्या कोई भूमिका हो सकती है?

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प्रश्न

‘डिजिटल इंडिया’ के दौर में संवदिया की क्या कोई भूमिका हो सकती है?

लघु उत्तरीय
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उत्तर

डिजिटल इंडिया के समय में संवादिया की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। आज संचार के साधनों में इतनी प्रगति हो चुकी है कि कोई भी संदेश कुछ ही क्षणों में पहुँच जाता है। इस तेज़ गति वाले युग में कोई व्यक्ति संवादिया की तरह संदेश पहुँचाने के लिए समय निकालना या किसी समाचार को पहुँचाने में लंबी प्रतीक्षा करना संभव नहीं समझता।

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संवदिया
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अध्याय 2.03: फणीश्वरनाथ 'रेणु' (संवदिया) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ८६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 2.03 फणीश्वरनाथ 'रेणु' (संवदिया)
प्रश्न-अभ्यास | Q 10. | पृष्ठ ८६

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