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Question
ध्वनि तरंगों की प्रकृति अनुदैर्ध्य क्यों है?
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Solution
जब माध्यम के कणों का विस्थापन तरंग संचरण की दिशा के समांतर हो तो उसे अनुदैर्ध्य तरंग कहा जाता हैं। ध्वनि तरंग संपीडन (C) और विरलन (R) के रूप में संचरित होती है तथा माध्यम (वायु) के कण आगे-पीछे तरंग के संचरण की समांतर दिशा में गति करते हैं। अतः ध्वनि तरंगों को अनुदैर्घ्य तरंग कहते हैं।
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निम्नलिखित प्रकरण को दो पृथक आरेखों द्वारा ग्राफीय रूप में निरूपित कीजिए -
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निम्नलिखित प्रकरण को दो पृथक आरेखों द्वारा ग्राफीय रूप में निरूपित कीजिए -
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- 256 Hz आवृत्ति के लिए तरंगदैर्घ्य, तथा
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