Advertisements
Advertisements
प्रश्न
ध्वनि तरंगों की प्रकृति अनुदैर्ध्य क्यों है?
Advertisements
उत्तर
जब माध्यम के कणों का विस्थापन तरंग संचरण की दिशा के समांतर हो तो उसे अनुदैर्ध्य तरंग कहा जाता हैं। ध्वनि तरंग संपीडन (C) और विरलन (R) के रूप में संचरित होती है तथा माध्यम (वायु) के कण आगे-पीछे तरंग के संचरण की समांतर दिशा में गति करते हैं। अतः ध्वनि तरंगों को अनुदैर्घ्य तरंग कहते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ध्वनि तरंगों को यांत्रिक तरंगें क्यों कहते हैं?
दिए गए ग्राफ में 1500 m s-1 वेग से गतिमान किसी विक्षोभ का विस्थापन समय संबंध दर्शाया गया है। इस विक्षोभ की तरंगदैर्घ्य परिकलित कीजिए।

यदि किसी झील की तली में कोई विस्फोट हो तो जल में किस प्रकार की प्रघात तरंगें उत्पन्न होंगी?
निम्नलिखित प्रकरण को दो पृथक आरेखों द्वारा ग्राफीय रूप में निरूपित कीजिए -
दो ध्वनि तरंगें जिनके आयाम समान परंतु आवृत्तियाँ भिन्न हों
निम्नलिखित प्रकरण को दो पृथक आरेखों द्वारा ग्राफीय रूप में निरूपित कीजिए -
दो ध्वनि तरंगें जिनके आयाम एवं तरंगदैर्घ्य दोनों भिन्न हों
ध्वनि की चाल, इसकी तरंगदैर्घ्य एवं आवृत्ति में संबंध स्थापित कीजिए। यदि ध्वनि का वायु में वेग 340 ms-1 हो, तो
- 256 Hz आवृत्ति के लिए तरंगदैर्घ्य, तथा
- 0.85m तरंगदैर्घ्य के लिए आवृत्ति परिकलित कीजिए।
