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ध्वनि का कोई सीमित स्पंद (उदाहरणार्थ सीटी की ‘पिप) माध्यम में भेजा जाता है। (a) क्या इस स्पंद की कोई निश्चित (i) आवृत्ति, (ii) तरंगदैर्घ्य, (iii) संचरण की चाल है?

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Question

ध्वनि का कोई सीमित स्पंद (उदाहरणार्थ सीटी की ‘पिप) माध्यम में भेजा जाता है।

  1. क्या इस स्पंद की कोई निश्चित
    1. आवृत्ति,
    2. तरंगदैर्घ्य,
    3. संचरण की चाल है?
  2. यदि स्पंद दर 1 स्पंद प्रति 20 s है अर्थात सीटी प्रत्येक 20 s के पश्चात सेकंड, के कुछ अंश के लिए बजती है तो सीटी द्वारा उत्पन्न स्वर की आवृत्ति (1/20) Hz अथवा 0.05 Hz है?
Answer in Brief
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Solution

  1. नहीं, किसी स्पन्द की कोई निश्चित आवृत्ति अथवा तरंगदैर्घ्य नहीं होती। स्पन्द के संचरण की चाल निश्चित है जो माध्यम में ध्वनि की चाल के बराबर है।
  2. नहीं, स्पन्द की आवृत्ति `1/20` Hz अथवा 0.05 Hz नहीं है।
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प्रगामी तरंग की चाल - अनुदैर्घ्य तरंग की चाल - ध्वनि की चाल
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Chapter 14: तरंगें - अभ्यास [Page 408]

APPEARS IN

NCERT Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 14 तरंगें
अभ्यास | Q 15.23 | Page 408

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आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन y = f (x t) द्वारा निरूपित की जाती है, जिसमें x तथा t को x – vt अथवा x + vt है अर्थात y = f (x ± vt) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के फलन का परीक्षण करके यह बताइए कि क्या वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है?

(x - υt)2


आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन y = f (x t) द्वारा निरूपित की जाती है, जिसमें x तथा t को x – υt अथवा x + υt है अर्थात y = f (x ± υt) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के  फलन का परीक्षण करके यह बताइए कि क्या वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है:

`"log"[(x + upsilon"t")/x_0]`


आपने यह सीखा है कि एक विमा में कोई प्रगामी तरंग फलन y = f (x t) द्वारा निरूपित की जाती है, जिसमें x तथा t को x – υt अथवा x + υt है अर्थात y = f (x ± υt) संयोजन में प्रकट होना चाहिए। क्या इसका प्रतिलोम भी सत्य है? नीचे दिए गए y के फलन का परीक्षण करके यह बताइए कि क्या वह किसी प्रगामी तरंग को निरूपित कर सकता है:

`1/(x + upsilon"t")`


सूत्र `upsilon = sqrt("yP"/rho)` का उपयोग करके स्पष्ट कीजिए कि वायु में ध्वनि की चाल क्यों ताप के साथ बढ़ जाती है?


सूत्र `upsilon = sqrt"yP"/"d"` का उपयोग करके स्पष्ट कीजिए कि वायु में ध्वनि की चाल क्यों आर्द्रता के साथ बढ़ जाती है?


20 cm लंबाई के पाइप का एक सिरा बंद है। 430 Hz आवृत्ति के स्रोत द्वारा इस पाइप की कौन-सी गुणावृत्ति विधा अनुनाद द्वारा उत्तेजित की जाती है? यदि इस पाइप के दोनों  सिरे खुले हों तो भी क्या यह स्रोत इस पाइप के साथ अनुनाद करेगा? वायु में ध्वनि की चाल 340 ms-1 है।


स्पष्ट कीजिए क्यों (अथवा कैसे):

वायलिन तथा सितार के स्वरों की आवृत्तियाँ समान होने पर भी हम दोनों से उत्पन्न स्वरों में भेद कर लेते हैं।


स्पष्ट कीजिए क्यों (अथवा कैसे):

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रेलवे स्टेशन के बाह्य सिगनल पर खड़ी कोई रेलगाड़ी शान्त वायु में 400 Hz आवृत्ति की सीटी बजाती है।

  1. प्लेटफॉर्म पर खड़े प्रेक्षक के लिए सीटी की आवृत्ति क्या होगी जबकि रेलगाड़ी
    (a) 10 ms-1 चाल से प्लेटफॉर्म की ओर गतिशील है, तथा
    (b) 10 ms-1 चाल से प्लेटफॉर्म से दूर जा रही है?
  2. दोनों ही प्रकरणों में ध्वनि की चाल क्या है? शान्त वायु में ध्वनि की चाल 340 ms-1 लीजिए।

स्टेशन यार्ड में खड़ी कोई रेलगाड़ी शांत वायु में 400 Hz आवृत्ति की सीटी बजा रही है। तभी 10 ms-1 चाल से यार्ड से स्टेशन की ओर वायु बहने लगती है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़े किसी प्रेक्षक के लिए ध्वनि की आवृत्ति, तरंगदैर्घ्य तथा चाल क्या हैं? क्या यह स्थिति तथ्यतः उस स्थिति के समरूप है जिसमें वायु शांत हो तथा प्रेक्षक 10 ms-1 चाल से यार्ड की ओर दौड़ रहा हो? शांत वायु में ध्वनि की चाल 340 ms-1 ले सकते हैं।


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