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Question
चोंच है मेरी बड़ी निराली, सुई हो जैसे सिलने वाली। पत्ते सिल कर घर बनाऊँ, ______ चिड़िया मैं कहलाऊँ।
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Solution
चोंच है मेरी बड़ी निराली, सुई हो जैसे सिलने वाली। पत्ते सिल क्र घर बनाऊँ, दर्जिन चिड़िया मैं कहलाऊँ।
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पेड़ के ______ में छेद बनाऊँ, उसमें छिपे कीड़े मैं खाऊँ। टुकटुक करता जाता हूँ, कठफोड़वा कहलाता हूँ।
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उल्लू तो अपनी गर्दन पीछे तक घुमा सकता है। क्या तुम भी ऐसा कर सकते हो?
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पक्षियों के अलावा और कौन-कौन से जानवर उड़ सकते हैं?
अगर तुम भी पक्षियों की तरह उड़ सकते, तो तुम कहाँ-कहाँ जाते? क्या-क्या करते?
यदि पक्षी उड़ न सकें, बस अपने पैरों पर ही चलें तो क्या होगा?
