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प्रश्न
चोंच है मेरी बड़ी निराली, सुई हो जैसे सिलने वाली। पत्ते सिल कर घर बनाऊँ, ______ चिड़िया मैं कहलाऊँ।
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उत्तर
चोंच है मेरी बड़ी निराली, सुई हो जैसे सिलने वाली। पत्ते सिल क्र घर बनाऊँ, दर्जिन चिड़िया मैं कहलाऊँ।
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आकाश से सीधे आती हूँ, झटपट चूहा ले जाती हूँ। पूँछ है मेरी खाँचे वाली ______ हूँ मैं बड़ी निराली।
कुहू-कुहू आवाज़ लगाती, मधुर-मधुर मैं गीत सुनती। सबके मन को हूँ मैं भाती, देखो ______ मैं कहलाती।
मरे जानवर खाकर मैं, जगह साफ़ कर देता हूँ। ऊँचे ______ में उड़ता हूँ गिद्ध मैं कहलाता हूँ।
रंग सलेटी, पंजे ______ गुटर गूँ की भर क्र चाबी। दिन भर शोर मचता हूँ, ______ मैं कहलाता हूँ।
पेड़ के ______ में छेद बनाऊँ, उसमें छिपे कीड़े मैं खाऊँ। टुकटुक करता जाता हूँ, कठफोड़वा कहलाता हूँ।
पाठ में आए पक्षियों जैसे की तोता, कौवा, कोयल, गिद्ध, कबूतर, चिड़िया, गौरेया, मोर, चील में से तुमने किन-किन को देखा है? उनके नाम लिखो।
अब बाहर जाकर देखो तुम्हें कितने पक्षी दीखते हैं। पेड़ पर ही नहीं, मैदान में, पानी में, पानी के आस-पास तथा झाड़ियों में भी देखना।
पक्षियों के नाम भरो तथा सही जगह पर '✓' का निशान लगाओ। यदि नाम नहीं पजंते तो उनकी कोई पहचान लिखो।
| पक्षियों के नाम | जहाँ देखा है | ||||
| पानी में | पेड़ पर | जमीन पर | घर में | उड़ते हुए | |
अगर तुम भी पक्षियों की तरह उड़ सकते, तो तुम कहाँ-कहाँ जाते? क्या-क्या करते?
यदि पक्षी उड़ न सकें, बस अपने पैरों पर ही चलें तो क्या होगा?
