English

चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय बल, पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय बल की अपेक्षा 16 गुणा है। एक 10 kg की वस्तु का चंद्रमा पर तथा पृथ्वी पर न्यूटन में भार क्या होगा?

Advertisements
Advertisements

Question

चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय बल, पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय बल की अपेक्षा `1/6` गुणा है। एक 10 kg की वस्तु का चंद्रमा पर तथा पृथ्वी पर न्यूटन में भार क्या होगा?

Short Answer
Advertisements

Solution

वस्तु का द्रव्यमान = 10 kg

हम जानते हैं कि पृथ्वी पर किसी वस्तु का भार (W) = mg

= 10 × 9.8 जहाँ g गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण है।

W = 98N

अत: वस्तु का पृथ्वी पर भार = 98N

चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वीय बल = `1/6` × पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय बल 

= `1/6 xx 98`

= 16.3N

अतः, चंद्रमा पर दी गई वस्तु का भार 16.3 N है।

shaalaa.com
मुक्त पतन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: गुरुत्वाकर्षण - अभ्यास [Page 126]

APPEARS IN

NCERT Vigyaan [Hindi] Class 9
Chapter 9 गुरुत्वाकर्षण
अभ्यास | Q 12. | Page 126

RELATED QUESTIONS

एक व्यक्ति A अपने एक मित्र के निर्देश पर ध्रुवों पर कुछ ग्राम सोना खरीदता है। वह इस सोने को विषुवत वृत्त पर अपने मित्र को देता है। क्या उसका मित्र खरीदे हुए सोने के भार से संतुष्ट होगा? यदि नहीं, तो क्यों? (संकेत: ध्रुवों पर g का मान विषुवत वृत्त की अपेक्षा अधिक है।)


पृथ्वी तथा सूर्य के बीच गुरुत्वाकर्षण बल का परिकलन कीजिए। दिया है, पृथ्वी का द्रव्यमान 6 × 1024 kg तथा सूर्य का द्रव्यमान = 2 × 1030 kg। दोनों के बीच औसत दूरी 1.5 × 1011 m है। 


वायुमंडल पृथ्वी से जकड़ा हुआ है -


किसी पिंड का वायु में भार 10 N है। जल में पूरा डुबाने पर इसका भार केवल 8 N है। पिंड द्वारा विस्थापित जल का भार होगा -


मान लीजिए पृथ्वी का गुरुत्व बल अचानक शून्य हो जाता है, तो चंद्रमा किस दिशा में गति करना आरंभ कर देगा (यदि उसे अन्य आकाशीय पिंड प्रभावित न करें)?


दो वायुयानों, जिनमें एक विषुवत वृत्त के ऊपर तथा दूसरा उत्तरी ध्रुव के ऊपर है, से h ऊँचाई से सर्वसम पैकेट गिराए जाते हैं। यह मानते हुए कि सभी स्थितियाँ सर्वसम हैं। क्या सभी पैकेट पृथ्वी के पृष्ठ पर एक ही समय पहुँचेंगे? अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।


g, G तथा R के पदों में पृथ्वी का औसत घनत्व परिकलित कीजिए।


पृथ्वी पर सूर्य का गुरुत्व बल कार्य करता हे, तथापि पृथ्वी सूर्य में नहीं गिरती। क्यों?


दो पिंडों के बीच आकर्षण बल उनके द्रव्यमानों तथा उनके बीच की दूरी पर किस प्रकार निर्भर करता है? किसी छात्र ने यह सोचा कि एक-दूसरे से बँधी दो ईंट, एक ईंट की तुलना में गुरुत्व बल के अधीन अधिक तेजी से गिरेंगी। क्या आप उसकी इस परिकल्पना से सहमत हैं अथवा नहीं? कारण लिखिए।


मुक्त पतन कब संभव है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×