English

“बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।" ‘हरबोला’ बुंदेलखंड क्षेत्र में रहने वाले लोकगायकों का एक समुदाय है जिन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की वीरतापूर्ण गाथा को अपने गीतों के माध्यम

Advertisements
Advertisements

Question

“बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी।”

        ‘हरबोला’ बुंदेलखंड क्षेत्र में रहने वाले लोकगायकों का एक समुदाय है जिन्होंने रानी लक्ष्मीबाई की वीरतापूर्ण गाथा को अपने गीतों के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का काम किया। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में लोकगायकों की एक लंबी और समृद्ध परंपरा रही है। इनके द्वारा गाए जाने वाले गीत सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मूल्यों को संरक्षित करने का एक जीवंत माध्यम है। आपके क्षेत्र में अथवा आपकी भाषा में भी ऐसे लोकगायक और उनके द्वारा गाए जाने वाले देशभक्तिपूर्ण गीत अवश्य प्रचलित होंगे। ऐसे गीतों का एक संकलन तैयार कीजिए और कक्षा में साझा कीजिए।

Long Answer
Advertisements

Solution

भारत में हर क्षेत्र के अपने ‘हरबोले या लोकगायक हैं’ उदाहरण के लिए-

  • बुंदेलखंड – यहाँ ‘आल्हा-ऊदल’ के वीर रस के गीत गाए जाते हैं।
  • राजस्थान – यहाँ के ‘चारण’ और ‘भाट’ महाराणा प्रताप की वीरता के गीत प्रस्तुत करते हैं।
  • उत्तर प्रदेश/बिहार – यहाँ ‘बिरहा’ और ‘सोहर’ के माध्यम से ऐतिहासिक कहानियाँ कही जाती हैं।

एक प्रचलित देशभक्ति गीत के उदाहरण- “रंग दे बसंती चोला...” या “मेरा रंग दे बसंती चोला...” यह गीत भारतीय क्रांतिकारियों के बलिदान और जोश का प्रतीक है, जो अक्सर लोक उत्सवों में गाया जाता है।

shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 11: झाँसी की रानी - अभ्यास [Page 190]

APPEARS IN

NCERT Hindi Ganga [English] Class 9
Chapter 11 झाँसी की रानी
अभ्यास | Q 2. | Page 190
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×