English

भोलानाथ और उसके साथियों के खेल और खेलने की सामग्री आपके खेल और खेलने की सामग्री से किस प्रकार भिन्न है?

Advertisements
Advertisements

Question

भोलानाथ और उसके साथियों के खेल और खेलने की सामग्री आपके खेल और खेलने की सामग्री से किस प्रकार भिन्न है?

Very Long Answer
Advertisements

Solution

भोलानाथ व उसके साथी खेल के लिए आँगन व खेतों पर पड़ी चीजों को ही अपने खेल का आधार बनाते हैं। उनके लिए मिट्टी के बर्तन, पत्थर, पेड़ों के पत्ते, गीली मिट्टी, घर के समान आदि वस्तुए होती थी जिनसे वह खेलते व खुश होते। परन्तु आज हमारे खेलने का सामान इन सब वस्तुओं से भिन्न है। हमारे खेलने के लिए आज क्रिकेट का सामान, भिन्न-भिन्न तरह के वीडियो गेम व कम्प्यूटर गेम आदि बहुत सी चीज़ें हैं जो इनकी तुलना में बहुत अलग हैं। भोलानाथ जैसे बच्चों की वस्तुए सुलभता से व बिना मूल्य खर्च किए ही प्राप्त हो जाती हैं परन्तु आज के बच्चों की खेल सामग्री मूल्य खर्च करने पर ही प्राप्त होती है।

shaalaa.com
माता का आँचल
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: माता का अँचल - प्रश्न-अभ्यास [Page 8]

APPEARS IN

NCERT Hindi Kritika Bhag 2 Class 10
Chapter 1 माता का अँचल
प्रश्न-अभ्यास | Q 4. | Page 8

RELATED QUESTIONS

आपने देखा होगा कि भोलानाथ और उसके साथी जब-तब खेलते-खाते समय किसी न किसी प्रकार की तुकबंदी करते हैं। आपको यदि अपने खेलों आदि से जुड़ी तुकबंदी याद हो, तो लिखिए।


इस उपन्यास अंश में तीस के दशक की ग्राम्य संस्कृति का चित्रण है। आज की ग्रामीण संस्कृति में आपको किस तरह के परिवर्तन दिखाई देते हैं।


माता का अँचल शीर्षक की उपयुक्तता बताते हुए कोई अन्य शीर्षक सुझाइए।


बच्चे माता-पिता के प्रति अपने प्रेम को कैसे अभिव्यक्त करते हैं?


चिड़िया उड़ाते-उड़ाते भोलानाथ और उसके साथियों ने चूहे के बिल में पानी डालना शुरू किया। इस घटना का के या परिणाम निकला?


बच्चे रोना-धोना, पीड़ा, आपसी झगड़े ज्यादा देर तक अपने साथ नहीं रख सकते हैं। माता के अँचल’ पाठ के आधार पर बच्चों की स्वाभाविक विशेषताएँ लिखिए।


मूसन तिवारी को बैजू ने चिढ़ाया था, पर उसकी सजा भोलानाथ को भुगतनी पड़ी, ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


भोलानाथ और उसके साथी खेल ही खेल में दावत की योजना किस तरह बना लेते थे?


भोलानाथ और उसके साथी खेल-खेल में फ़सल कैसे उगाया करते थे?


भोलानाथ की माँ उसे किस तरह कन्हैया बना देती?


भोलानाथ के पिता भोलानाथ को पूजा-पाठ में शामिल करते, उसे गंगा तट पर ले जाते तथा लौटते हुए पेड़ की डाल पर झुलाते। उनका ऐसा करना किन-किन मूल्यों को उभारने में सहायक है?


वर्तमान समय में संतान द्वारा माँ-बाप के प्रति उपेक्षा का भाव दर्शाया जाने लगा है जिससे वृद्धों की समस्याएँ बढ़ी हैं तथा समाज में वृद्धाश्रमों की जरूरत बढ़ गई है। माता का अँचल’ पाठ उन मूल्यों को उभारने में कितना सहायक है जिससे इस समस्या पर नियंत्रण करने में मदद मिलती हो।


‘माता का अंचल’ पाठ में वर्णित बचपन और आज के बचपन में क्या अंतर है? क्या इस अंतर का प्रभाव दोनों बचपनों के जीवन मूल्यों पर पड़ा है? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।


पिता द्वारा भोलानाथ को खाना खिलाने के बाद भी उसकी माँ उसे खाना खिलाती थी, क्यों? ‘माता का अँचल’ पाठ के आधार पर लिखिए।


पूरक पाठ्पुस्तक के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

'माता का प्रेम, पिता के प्रेम की अपेक्षा अधिक गहन होता है।' 'माता का आँचल' पाठ के आधार पर विचार कीजिए।


'पूरक पाठ्य-पुस्तक' के पाठ पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए -

यह स्वाभाविक है कि बच्चा माता या पिता किसी एक से अधिक नज़दीकी का अनुभव करता हो - 'माता का आँचल' के भोलानाथ के संदर्भ से इस कथन पर प्रकाश डालें। इसके साथ ही अपने जीवन के अनुभव से इसके पक्ष या विपक्ष में टिप्पणी कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×