Advertisements
Advertisements
Question
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
Options
पत्राणि
पुष्पाणि
फलानि
मित्राणि
MCQ
Advertisements
Solution
मित्राणि
shaalaa.com
विमानयानं रचयाम
Is there an error in this question or solution?
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
सा ______ जलेन मुखं प्रक्षालयति। (विमल)
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
राघवः ______ विहरति।(विमानयान)
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
पर्वतशिखरम् ______ आकर्षकं दृश्यते। (अम्बुदमाला)
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
के वायुयानं रचयन्ति ?
वायुयानं कं–कं क्रान्त्वा उपरि गच्छति ?
वयं कीदृशं सोपानं रचयाम ?
वयं कस्मिन् लोके प्रविशाम?
विलोमपदानि योजयत–
| उत्रत: | पृथिव्याम् |
| गगने | असुन्दर: |
| सुन्दर: | अवनत: |
| चित्वा | शोक: |
| दु:खी | विकीर्य |
| हर्ष: | सुखी |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| तृतीया | ______ | पशुभ्याम् | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| पञ्चमी | वटोः | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| सम्बोधन | हे विष्णो | ______ | ______ |
पर्याय–पदानि योजयत–
| गगने | जलद: |
| विमले | निशाकर: |
| चन्द्र: | आकाशे |
| सूर्य: | निर्मले |
| अम्बुद: | दिवाकर: |
