Advertisements
Advertisements
Question
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
राघवः ______ विहरति।(विमानयान)
Fill in the Blanks
Advertisements
Solution
राघवः विमानयानेन विहरति।
shaalaa.com
विमानयानं रचयाम
Is there an error in this question or solution?
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
पाठे दत्तं गीतं सस्वरं गायत।
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
कण्ठः ______ शोभते।
कोष्ठकान्तर्गतेषु शब्देषु तृतीया-विभक्तिं योजयित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत–
नभः ______ प्रकाशते। (सूर्य)
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
भिन्नवर्गस्य पदं चिनुत–
वायुयानं कं–कं क्रान्त्वा उपरि गच्छति ?
वयं कीदृशं सोपानं रचयाम ?
वयं कस्मिन् लोके प्रविशाम?
केषां गृहेषु हर्षं जनयाम ?
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| तृतीया | ______ | पशुभ्याम् | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| चतुर्थी | साधवे | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| पञ्चमी | वटोः | ______ | ______ |
समुचितै: पदै: रिक्तस्थनानि पूरयत–
| विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| सप्तमी | शिशौ | ______ | ______ |
पर्याय–पदानि योजयत–
| गगने | जलद: |
| विमले | निशाकर: |
| चन्द्र: | आकाशे |
| सूर्य: | निर्मले |
| अम्बुद: | दिवाकर: |
