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Question
भारतीय खाने की कुछ चीज़ें जैसे-चावल, सेवइयाँ, मिठाइयाँ यूरोप में अलग ढंग से खाई जाती हैं। क्या भारत में ये चीज़ें अलग-अलग ढंग/तरीकों से बनाई और खाई जाती हैं? पता करो और बताओ।
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Solution
हर स्थान पर खाने की चीज़ों को अलग-अलग तरह से बनाया जाता है। जैसे कई स्थानों पर चावलों को उबाल कर, बिरयानी बनाकर, मीठे चावल बनाकर खाया जाता है, तो कहीं इडली या डोसा बनाकर बनाकर भी खाया जाता है। सेवइयाँ दूध में डालकर, नमकीन बनाकर, मीठी बनाकर या फलूदा आदि के रूप में खाई जाती हैं। इसी तरह मिठाइयाँ भी अलग-अलग तरह से बनाई जाती हैं।
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(ख) वर्तमान समय में विदेशों में भारतीय संस्कृति के कौन-कौन से प्रभाव देखे जा सकते हैं? अपने साथियों के साथ मिलकर एक सूची बनाइए।
(संकेत - खान - पान, पहनावा, फिल्में, हिंदी, कंप्यूटर, टेलीमार्केटिंग आदि।)
(क) अंग्रेज़ी सरकार शिक्षा के प्रसार को नापसंद करती थी। क्यों?
(ख) शिक्षा के प्रसार को नापसंद करने के बावजूद अंग्रेज़ी सरकार को शिक्षा के बारे में थोड़ा-बहुत काम करना पड़ा। क्यों?
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क्या होता अगर
बूढ़ी अम्मा की बात पर गोमा ध्यान न देता?
गुड़ियों का संग्रह करने में केशव शंकर पिल्लै को कौन-कौन सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
आमतौर पर लोग अपनी मनपसंद, महत्वपूर्ण और आवश्यक चीज़ों का संग्रह करते हैं। नीचे कुछ चीज़ों के नाम दिए गए हैं। जैसे-
(क) डाक-टिकट
(ख) पुराने सिक्के
(ग) गुड़िया
(घ) महत्वपूर्ण पुस्तकें
(ङ) चित्र
(च) महत्वपूर्ण व्यक्तियों के हस्तलेख
इसके अतिरिक्त भी तुम्हारे आसपास कुछ चीज़ें होती हैं जिसे लोग बेकार या अनुपयोगी समझकर कूड़ेदान या अन्य उपयुक्त जगह पर रख या फेंक देते हैं।
(क) तुम पता करो यदि उसका भी कोई संग्रह करता है तो क्यों?
(ख) उसका संग्रह करने वालों को क्या परेशानियाँ होती होंगी?
(इनके उत्तर के लिए तुम बड़ों की सहायता ले सकते हो।)
केशव शंकर पिल्लै बच्चों के लिए सुबह से शाम तक काम में लगे रहते थे। तुम सुबह से शाम तक कौन-कौन से काम करना चाहोगे? नीचे उपयुक्त जगह में अपनी पसंद के काम को भी लिखो और सही (✓) का निशान लगाओ। तुम उसका कारण भी बताओ।
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क्रम सं. |
काम का नाम |
✓ या ✗ कारण |
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(क) |
खेलना |
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(ख) |
पढ़ना |
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(ग) |
चित्रकारी करना |
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(घ) |
______ |
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(ङ) |
______ |
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(च) |
______ |
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"भारत के लोगों को अंग्रेज़ सरकार का सहयोग नहीं करना चाहिए और उनका काम बंद कर देना चाहिए। अगर कोई अंग्रेज़ अन्याय करेगा तो हम अन्याय सहने से इंकार करेंगे।"
ऊपर श्रीराम राजू द्वारा आदिवासियों से गाँधी जी की कही हुई बात का उल्लेख हुआ है। गाँधी जी ने स्वतंत्रता संग्राम के लिए बहुत सारी बातें कही थी। यह सब तुम्हें गाँधी जी पर लिखी गई किताबों, फ़िल्मों और अन्य जगहों पर मिल सकता है। तुम उनकी कही हुई बातों में जो बहुत महत्वपूर्ण समझो उसको अपने साथियों को बताओ।
आदिवासियों के साथ मन-मर्जी नहीं की जा सकती। उसके पास कई मन गेहूँ था।
ऊपर के पहले वाक्य में 'मन' का मतलब है –दिल, हृदय।
दूसरे वाक्य में 'मन' नाप-तौल का एक शब्द है। इस तरह मन के दो अर्थ हैं। ऐसे शब्दों को अनेकार्थक शब्द कहते हैं। नीचे दिए गए शब्दों को पढ़ो और वाक्य बनाओ।
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सोना |
– |
सो जाना (नींद) |
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उत्तर |
– |
एक दिशा |
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हार |
– |
पराजय, हार जाना |
'काफ़ी' शब्द का अर्थ है –पर्याप्त और 'कॉफ़ी' का अर्थ होता है एक पेय पदार्थ। दोनों शब्दों की वर्तनी में केवल थोड़ा-सा अंतर होने से अर्थ बदल गया है।
तुम दिए गए शब्द को पढ़ो और वाक्य बनाओ।
काफ़ी, कॉफ़ी
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(ख) उनके बिखरने से क्या-क्या होता है?
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| में | ने | को | का | के लिए | से | पर |
तालिका में से सही शब्द चुनकर रिक्त स्थान में भरो।
पौधों ______ गमलों में रखो।
