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Question
बात और भाषा परस्पर जुड़े होते हैं, किंतु कभी-कभी भाषा के चक्कर में ‘सीधी बात भी टेढ़ी हो जाती है’ कैसे?
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Solution
बात और भाषा आपस में जुड़ी होती हैं, लेकिन कई बार भाषा के कारण सीधी बात भी जटिल हो जाती है। इसका कारण उपयुक्त शब्दों का सही प्रयोग न करना है। मनुष्य अपनी भाषा को कठिन और आडंबरपूर्ण बनाकर चमत्कारी शब्दों के प्रयोग में अपनी श्रेष्ठता समझता है, जिससे वह अपनी मूल बात को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाता।
हमें यह समझना चाहिए कि हर शब्द का अपना अलग और निश्चित अर्थ होता है, चाहे वह समानार्थी ही क्यों न हो। शब्दों के जाल में फँसकर भाव अपना वास्तविक अर्थ खो देते हैं।
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