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Question
बादलों के घिर आने पर कवि किसान को उठने के लिए क्यों कहता है?
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Solution
बादलों के घिर आने पर कवि किसान को उठने के लिए इसलिए कहता है क्योंकि बादल उसके साथी हैं। वह उसके खेतों में प्राण डालने आ गए हैं।
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"मोल-भाव करके लाया हूँ
ठोक-बजाकर देख लिया।"
अगर तुम्हें अपने लिए कोई खिलौना खरीदना हो तो तुम कौन-कौन सी बातें ध्यान में रखोगे?
दिए गए शब्दों के अंतिम वर्ण से नए शब्द का निर्माण करो -
| मेला | लाल | लगन | नया | याद |
| पिया | ||||
| खोल | ||||
| शिशुमन |
फ़र्श पर सभी के द्वारा कुछ न कुछ काम करने की बात कविता में हुई है, मगर महरी के काम को ही कविता लिखना क्यों कहा गया है?
"हरी घास पर बिखरे दी हैं
ये किसने मोती की लड़ियाँ?"
ऊपर की पंक्तियों को उलट-फेर कर इस तरह भी लिखा जा सकता है–
"हरी घास पर ये मोती की लड़ियाँ किसने बिखेर दी हैं?"
इसी तरह नीचे लिखी पंक्तियों में उलट-फेर कर तुम भी उसे अपने ढंग से लिखो।
"कौन रात में गूँथ गया है
ये उज्ज्वल हीरों की कड़ियाँ?"
नीचे लिखी चीज़ों जैसी कुछ और चीज़ों के नाम सोचकर लिखो–
|
(क) |
जुगनू जैसे चमकीले | _____________ |
|
(ख) |
तारों जैसे झिलमिल | ____________ |
| (ग) | हीरों जैसे दमकते | ______________ |
|
(घ) |
फूलों जैसे सुंदर |
_______________ |
"जी होता, इन ओस कणों को
अंजलि में भर घर ले आऊँ"
'घर शब्द का प्रयोग हम कई तरह से कर सकते हैं। जैसे -
(क) वह घर गया।
(ख) यह बात मेरे मन में घर कर गई।
(ग) यह तो घर-घर की बात है।
(घ) आओ, घर-घर खेलें।
'बस' शब्द का प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है। तुम ‘बस’ शब्द का प्रयोग करते हुए अपने मन से कुछ वाक्य बनाओ।
(संकेत - बस, बस-बस, बस इतना सा)
नीचे लिखी पंक्ति पढ़ो। आपस में चर्चा करके इसके नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -
"तेरे लिए, अकेले तेरे लिए, कहाँ से चलकर आई"
क्या सचमुच पुरवाई केवल किसान के लिए चलकर आई है? वह कहाँ से चलकर आई होगी?
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''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सो पग धोए''
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| विपरीतार्थक |
दिन-रात |
पाठों से दोनों प्रकार के शब्दों को खोजकर लिखिए।
"हरी घास पर बिखरे दी हैं
ये किसने मोती की लड़ियाँ?"
ऊपर की पंक्तियों को उलट-फेर कर इस तरह भी लिखा जा सकता है–
"हरी घास पर ये मोती की लड़ियाँ किसने बिखेर दी हैं?"
इसी तरह नीचे लिखी पंक्तियों में उलट-फेर कर तुम भी उसे अपने ढंग से लिखो।
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क्या होगा - अगर वर्षा बिलकुल ही न हो।
