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Question
अपनी मातृभाषा में 'किसान' पर लिखी गई कविता को अपने मित्रों व शिक्षक को सुनाओ।
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Solution
है जीत चुका दुख को किसान
आता है भीषण ग्रीष्मकाल
है भूमि उगलती ज्वाल-माल
है उष्ण वायु बहती कराल
पर कृष्यक घूमता है निर्भय,
हो कड़ी धूप से भी न भलान
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