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Question
अंतिम चार पंक्तियों का अर्थ लिखो।
चख-चख जीवन मधुरस प्रतिक्षण
विपुल मनोवैभव कर संचित,
जन मधुकर अनुभूति द्रवित जब
करते भव मधु छत्र विनिर्मित
नहीं प्रार्थना इससे शुचितर !
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Solution
कवि ने इन पंक्तियों के माध्यम से लोक अर्थात सज्जन व्यक्ति के महत्त्व को स्थापित किया है। सज्जन व्यक्ति अपने इस जीवनरूपी मधुरस को चखते हैं अर्थात जीवन के सुख-दुख का अनुभव प्राप्त करते हैं। वे जीवन के उतार-चढ़ाव का सामना करते हुए विपुल मनोवैभव संचित करते हैं अर्थात मानसिक रूप से समृद्ध बन जाते हैं। जन मधुकर अर्थात मानवरूपी सज्जन भाैंरे जब किसी को दुख व पीड़ा में देखते हैं, तो उनका मन द्रवित हो जाता है। संसार के दुख-दर्द को दूर करने के लिए वे अपने अनुभव से संसाररूपी छत्ते का पुन: निर्माण करते हैं अर्थात वे अपने अनुभव व ज्ञान से जरूरतमंदों की यथायोग्य सहायता कर उनके जीवन में खुशियाँ भर देते हैं। कवि कहता है कि सज्जन व्यक्तियों के इन कर्मों से अधिक पवित्र कोई अन्य प्रार्थना नहीं हो सकती है।
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तुलना करो :
| गाँव | शहर |
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
| ______ | ______ |
उचित जोड़ियाँ मिलाओ :
| अ | उत्तर | आ |
| १. मेट्रो | ______ | गाँव |
| २. पीपल | ______ | कस्बा |
| शहर |
कृति पूर्ण करो :

एक शब्द में उत्तर लिखो :
लँगड़ाकर चलने वाली - ______
उत्तर लिखो :
काँटे बोने वाले
उत्तर लिखो :
फटने वाले
चुप रहने के चार फायदे लिखो:
- ______
- ______
- ______
- ______
कविता में आए इस अर्थ के शब्द लिखो :
| अर्थ | शब्द | |
| (१) | मधु | ______ |
| (२) | कड़वे | ______ |
| (३) | विचार | ______ |
| (४) | आवश्यकता | ______ |
कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखो :
कोई
कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखो :
बलराम
कृति पूर्ण करो :

कृति पूर्ण करो :

कृति करो :

कृति पूर्ण करो :
इन बातों में अलग होकर भी हम सब एक हैं -
- ______
- ______
कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में इस अर्थ में प्रयुक्त शब्द लिखो:
तिरस्कार
कृति करो :

कृति करो :
