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अभिकथन (A): जब कोई वस्तु या पिंड स्थिर वेग से चलायमान हो तथा उसकी गति या दिशा में कोई परिवर्तन न हो, तो वह गतिशील संतुलन होता है। कारण (R): गतिमान साइकिल चालक या ट्रेक पर दौड़ते - Physical Education (शारीरिक शिक्षा)

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Question

अभिकथन (A): जब कोई वस्तु या पिंड स्थिर वेग से चलायमान हो तथा उसकी गति या दिशा में कोई परिवर्तन न हो, तो वह गतिशील संतुलन होता है।

कारण (R): गतिमान साइकिल चालक या ट्रेक पर दौड़ते समय धावक द्वारा बनाई गई शरीर की स्थिति, गतिशील संतुलन के उदाहरण हैं।

उपर्युक्त दो कथनों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा सही है?

Options

  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

  • अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं, लेकिन कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।

  • अभिकथन (A) सत्य हैं, परन्तु कारण (R) असत्य है।

  • अभिकथन (A) असत्य है, परन्तु कारण (R) सत्य है।

MCQ
Assertion and Reasoning
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Solution

अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण (R) अभिकथन (A) की सही व्याख्या है।

स्पष्टीकरण:

  • कथन (A) सत्य है: गतिशील संतुलन तब होता है जब कोई वस्तु स्थिर वेग से गतिमान होती है (अर्थात् त्वरण शून्य होता है और कुल बल भी शून्य होता है)।
  • कारण (R) सत्य है: एक स्थिर गति से चलता हुआ साइकिल चालक, या दौड़ते समय अपनी मुद्रा को स्थिर बनाए रखने वाला धावक, गतिशील संतुलन के व्यावहारिक उदाहरण हैं।
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2025-2026 (March) Set 4
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