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Question
अभिकथन (A): दिक्सूचक की सहायता से छड़ चुंबक के बाहर चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ खींची जा सकती हैं।
कारण (R): किसी चुंबक के पास लाने पर दिक्सूचक की सुई के उत्तर ध्रुव की दिशा सदैव चुंबक के दक्षिणी ध्रुव की ओर होती है।
Options
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R),अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।
अभिकथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।
अभिकथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
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Solution
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।
स्पष्टीकरण:
कंपास की सुई खुद को चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के साथ संरेखित कर लेती है, इसलिए यह एक बार चुंबक के चारों ओर उन रेखाओं का पता लगाने में मदद करती है। कंपास का उत्तरी ध्रुव चुंबक के दक्षिणी ध्रुव की ओर आकर्षित होता है, जो क्षेत्र की दिशा को इंगित करता है। इस प्रकार, यह कारण सही ढंग से बताता है कि चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं का पता लगाने के लिए कंपास का उपयोग क्यों किया जा सकता है।
