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अभिक्रिया CrX2OX3+2Al⟶AlX2OX3+2Cr (ΔGΘ = – 421 kJ) के गिब्ज़ ऊर्जा मान से लगता है कि अभिक्रिया ऊष्मागतिकी के अनुसार संभव है, पर यह कक्ष ताप पर संपन्न क्यों नहीं होती? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

अभिक्रिया \[\ce{Cr2O3 + 2 Al -> Al2O3 + 2Cr}\] (ΔGΘ = – 421 kJ) के गिब्ज़ ऊर्जा मान से लगता है कि अभिक्रिया ऊष्मागतिकी के अनुसार संभव है, पर यह कक्ष ताप पर संपन्न क्यों नहीं होती?

Short/Brief Note
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Solution

ऊष्मागतिकीय रूप से संभव अभिक्रियाओं के लिए भी सक्रियण ऊर्जा की निश्चित मात्रा की आवश्यकता होती है, अतः दी गई अभिक्रिया को संपन्न करने के लिए अतिरिक्त ऊष्मा की आवश्यकता होगी।

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