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Question
अभी तक हमने केवल दो निर्देशांक वाले अक्षों पर निरूपित बिंदुओं पर विचार किया है। आप उन बिंदुओं के निर्देशांकों के विषय में क्या कहना चाहेंगे, जो इनमें से किसी भी अक्ष पर निरूपित नहीं हैं? तल जिसमें दोनों अक्ष स्थित हैं, उन्हें कार्तीय तल, निर्देशांक तल अथवा xy-तल कहते हैं। अक्ष, तल को चार भागों में विभाजित करते हैं, जिन्हें चतुर्थाश कहा जाता है। चतुर्थाशों का क्रमांकन चित्र में दर्शाए अनुसार किया जाता है।
पूर्व में बताई गई परिपाटी के अनुसार हम कह सकते हैं:
- प्रथम चतुर्थांश में स्थित बिंदुओं के x और y दोनों निर्देशांक धनात्मक होते हैं।
- द्वितीय चतुर्थाश में स्थित बिंदुओं के x-निर्देशांक ऋणात्मक और y-निर्देशांक धनात्मक होते हैं।
- तृतीय चतुर्थांश में स्थित बिंदओं के x और y दोनों निर्देशांक ऋणात्मक होते हैं।
- चतुर्थ चतुर्थांश में स्थित बिंदओं के x-निर्देशांक धनात्मक और y-निर्देशांक ऋणात्मक होते हैं।
क्या आप अब द्वि-विमीय तल में किसी बिंदु के निर्देशांकों का अभिप्राय समझ सकते हैं? सामान्य रूप से एक द्वि-विमीय तल में किसी बिंदु P के निर्देशांकों को (x, y) के रूप में अभिव्यक्त किया जाता है। यहाँ x, y-अक्ष से P की लंबवत दूरी को प्रदर्शित करता है, जिसे x-अक्ष के अनुदिश मापा गया है और x, y अक्ष से P की लंबवत दूरी को अभिव्यक्त करता है, जिसे x-अक्ष के अनुदिश मापा गया है। x और y, बिंदु (x, y) के क्रमशः x-निर्देशांक और y-निर्देशांक हैं।

उदाहरण के लिए, चित्र में बिंदु S (3, −5) चतुर्थ चतुर्थाश में है, x-निर्देशांक 3 इकाई है और y-निर्देशांक −5 इकाई है। बिंदु Q (−5, 3) के लिए क्या कहा जा सकता है? यह बिंदु x-निर्देशांक −5 और y-निर्देशांक 3 के साथ द्वितीय चतुर्थाश में है। चित्र को अपनी अभ्यास पुस्तिका में बनाते हुए अपने आरेख में S और Q का अंकन कीजिए। प्रथम चतुर्थाश में किसी बिंदु P और तृतीय चतुर्थांश में किसी बिंदु R को अंकित कीजिए और उनके निर्देशांक लिखिए।
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Solution
चित्र में बिंदु Q के निर्देशांक (−5, 3) दिए गए हैं। इसका अर्थ है कि यह बिंदु y-अक्ष से 5 इकाई बाईं ओर तथा x-अक्ष से 3 इकाई ऊपर स्थित है। चूँकि इसका x-निर्देशांक ऋणात्मक (−5) तथा y-निर्देशांक धनात्मक (3) है, इसलिए यह द्वितीय चतुर्थांश (Quadrant II) में स्थित है।
चित्र में दिए अनुसार बिंदु S (3, −5) चतुर्थ चतुर्थांश में स्थित है, क्योंकि इसका x-निर्देशांक धनात्मक (3) तथा y-निर्देशांक ऋणात्मक (−5) है।
प्रथम चतुर्थांश में एक बिंदु P तथा तृतीय चतुर्थांश में एक बिंदु R अंकित करके उनके निर्देशांक लिखने हैं।
प्रथम चतुर्थांश में P (4, 2)
बिंदु P (4, 2) में x = 4 तथा y = 2 हैं।
इसका x-निर्देशांक और y-निर्देशांक दोनों धनात्मक हैं।
इसलिए यह प्रथम चतुर्थांश (Quadrant I) में स्थित है।
तृतीय चतुर्थांश में R (−3, −4)
बिंदु R (−3, −4) में x = −3 तथा y = −4 हैं।
इसका x-निर्देशांक और y-निर्देशांक दोनों ऋणात्मक हैं।
इसलिए यह तृतीय चतुर्थांश (Quadrant III) में स्थित है।
