English

आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रियाओं को सन्तुलित कीजिए- 4MnX−4(aq)+IX−(aq)⟶MnOX2(s)+IX2(s) (क्षारिय माध्यम)

Advertisements
Advertisements

Question

आयन-इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा निम्नलिखित रेडॉक्स अभिक्रियाओं को संतुलित कीजिए-

\[\ce{MnO^-_4(aq) + I^-(aq) -> MnO2(s) + I2(s)}\] (क्षारीय माध्यम)

Answer in Brief
Advertisements

Solution

पद 1: पहले हम ढाँचा समीकरण लिखते है-

\[\ce{MnO^-_4(aq) + I^-(aq) -> MnO2(s) + I2(s)}\]

पद 2: दो अर्द्ध अभिक्रियाएँ इस प्रकार है-

(i) ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया: \[\ce{\overset{-1}{I}^- -> \overset{0}{I2}}\]

(ii) अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया: \[\ce{Mn\overset{+7}{O^-_4}(aq) -> Mn\overset{+4}{O2}(s)}\]

पद 3: ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया में I परमाणु का संतुलन करने पर हम लिखते हैं-

\[\ce{2I^-(aq) -> I2(s)}\]

पद 4: O परमाणु के संतुलन के लिए हम अपचयन अभिक्रिया में दाईं ओर 2 जल-अणु जोड़ते हैं-

\[\ce{MnO^-_4(aq) -> MnO2(s) + 2H2O(l)}\]

H परमाणु के संतुलन के लिए हम बाईं ओर 4 H+ आयन जोड़ते हैं-

\[\ce{MnO^-_4(aq) + 4H^+(aq) -> MnO2(s) + 2H2O(l)}\]

क्योंकि अभिक्रिया क्षारीय माध्यम में होती है, इसलिए 4H+ के लिए समीकरण के दोनों ओर हम 4OH- जोड़ देते हैं।

\[\ce{MnO^-_4(aq) + 4H^+(aq) + 4OH^-(aq) -> MnO2(s) + 2H2O(l) + 4OH^-(aq)}\]

H+ आयन तथा OH- आयन के योग को से बदलने पर परिणामी समीकरण निम्नवत हैं-

\[\ce{MnO^-_4(aq) + 2H2O(l) -> MnO2(s) + 4OH^-(aq)}\]

पद 5: इस पद में हम दोनों अर्द्ध-अभिक्रियाओं में आवेश का संतुलन दर्शाई गई विधि द्वारा करते हैं।

\[\ce{2I^-(aq)-> I2(s) + 2e^-}\]

\[\ce{MnO^-_4(aq) + 2H2O(l) + 3e^- -> MnO2(s) + 4OH^-(aq)}\]

इलेक्ट्रॉनों की संख्या को एकसमान बनाने के लिए ऑक्सीकरण अर्द्ध-अभिक्रिया को 3 से तथा अपचयन अर्द्ध-अभिक्रिया को 2 से गुणा करते हैं-

\[\ce{6I^- (aq) -> 3I2(s) + 6e^-}\]

\[\ce{2MnO^-_4(aq) + 4H2O(l) + 6e^- -> 2MnO2(s) + 8OH^-(aq)}\]

पद 6: दोनों अर्द्ध-अभिक्रियाओं को जोड़ने पर-

\[\ce{6I^-(aq) +2MnO^-_4(aq) + 4H2O(l) -> 3I2(s) + 2MnO2(s) + 8OH^-(aq)}\]

अंतिम सत्यापन दर्शाता है कि दोनों ओर के परमाणुओं की संख्या तथा आवेश की दॄष्टि से समीकरण संतुलित है।

shaalaa.com
अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

निकल (II) सल्फेट


निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

टिन (IV) ऑक्साइड


निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

आयरन (III) सल्फेट


निम्नलिखित यौगिक के सूत्र लिखिए-

क्रोमियम (III) ऑक्साइड


उन पदार्थों की सूची तैयार कीजिए, जिनमें कार्बन -4 से +4 तक की तथा नाइट्रोजन -3 से +5 तक की ऑक्सीकरण अवस्था होती है।


अपनी अभिक्रियाओं में सल्फर डाइऑक्साइड तथा हाइड्रोजन परॉक्साइड ऑक्सीकारक तथा अपचायक दोनों ही रूपों में क्रिया करते हैं, जबकि ओजोन तथा नाइट्रिक अम्ल केवल ऑक्सीकारक के रूप में ही। क्यों?


इन अभिक्रिया को देखिए -

\[\ce{6CO2(g) + 6H2O(l) -> C6H12O6(aq) + 6O2(g)}\]

बताइए कि इन्हें निम्नलिखित ढंग से लिखना ज्यादा उचित क्यों है?

\[\ce{6CO2(g) + 12H2O(l) -> C6H12O6(aq) + 6H2O(l) + 6O2(g)}\]

उपर्युक्त अपचयोपचय अभिक्रिया के अन्वेषण की विधि सुझाइए।


"जब भी एक ऑक्सीकारक तथा अपचायक के बीच अभिक्रिया संपन्न की जाती है, तब अपचायक के आधिक्य में निम्नतर ऑक्सीकरण अवस्था का यौगिक तथा ऑक्सीकारक के आधिक्य में उच्चतर ऑक्सीकरण अवस्था का यौगिक बनता है।" इस वक्तव्य का औचित्य तीन उदाहरण देकर दीजिए।


इस प्रेक्षण की अनुकूलता को कैसे समझाएँगे?

क्लोराइडयुक्त अकार्बनिक यौगिक में सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल डालने पर हमें तीक्ष्ण गंध वाली HCI गैस प्राप्त होती है, परंतु यदि मिश्रण में ब्रोमाइड उपस्थित हो, तो हमें ब्रोमीन की लाल वाष्प प्राप्त होती है, क्यों?


निम्नलिखित अभिक्रिया में ऑक्सीकृत, अपचयित, ऑक्सीकारक तथा अपचायक पदार्थ पहचानिए-

\[\ce{2AgBr(s) + C6H6O2(aq) -> 2Ag(s) + 2HBr(aq) + C6H4O2(aq)}\]


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×