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आपके खयाल से पढ़ाई-लिखाई के सबध में लेखक और दत्ता जी राव का रवैया सही था या लखक के पिता का? तर्क सहित उत्तर दें।

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Questions

आपके खयाल से पढ़ाई-लिखाई के सबध में लेखक और दत्ता जी राव का रवैया सही था या लखक के पिता का? तर्क सहित उत्तर दें।

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर लगभग 100 शब्दों में उत्तर दीजिए:

जूझ कहानी के आधार पर तर्क सहित उत्तर दें कि पढ़ाई-लिखाई के संबंध में लेखक और दत्ता जी राव का रवैया सही था या लेखक के पिता का?

Very Long Answer
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Solution

मेरे खयाल से पढ़ाई-लिखाई के संबंध में लेखक और दत्ताजी राव का रवैया बिलकुल सही था क्योंकि लेखक को पढ़ने की इच्छा थी जिसे दत्ताजी राव ने सही पहचाना। उसकी प्रतिभा के बारे में दत्ताजी ने पूरी तरह जान लिया था। वैसे भी लेखक को पढ़ाने के पीछे दत्ताजी राव का कोई स्वार्थ नहीं था जबकि लेखक के पिता का पढ़ाई-लिखाई के बारे में रवैया बिलकुल गलत था। वास्तव में लेखक का पिता अपने स्वार्थ के लिए अपने बेटे को नहीं पढ़ाना चाहता था। उसे पता था कि यदि उसका बेटा स्कूल जाने लगा तो उसे ऐश करने के लिए समय नहीं मिलेगा। न ही वह टखमाबाई के पास जा सकता था। इसलिए हमें दत्ताजी राव और लेखक का रवैया पढ़ाई के संबंध में बिलकुल ठीक लगता है।

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जूझ
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Chapter 2: जूझ (आनंद यादव) - अभ्यास [Page 34]

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NCERT Hindi Vitaan bhag 2 [English] Class 12
Chapter 2 जूझ (आनंद यादव)
अभ्यास | Q 5. | Page 34

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